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Udham Singh Nagar News: उम्मीद की बुनियाद पर टिका एम्स सेटेलाइट सेंटर, मई में ओपीडी शुरू करने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:36 AM IST
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रुद्रपुर। एम्स सेटेलाइट सेंटर उम्मीद की बुनियाद पर टिका है। जिला विकास प्राधिकरण व कार्यदायी संस्था का दावा है कि मई तक एम्स ओपीडी संचालन के साथ शुरू हो जाएगा। एम्स परिसर की सड़कें 95 फीसदी बन चुकी हैं। डॉक्टरों के लिए बन रहे आवासों पर रंग-रोगन हो रहा है और छह मंजिला बिल्डिंग खड़ी हो गई है। काम को अंतिम चरण देने में 800 मजदूर लगाए गए हैं।
किच्छा के खुरपिया फार्म में 110 एकड़ जमीन पर 500 करोड़ से अधिक की लागत से एम्स सेटेलाइट सेंटर बनाया जा रहा है। इसका शिलान्यास नवंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। खास बात ये है कि एम्स ऋषिकेश के अधीन रहेगा। कंपनी और प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे दावे की पड़ताल करने के लिए अमर उजाला की टीम शनिवार को खुरपिया फार्म पहुंची।
यहां देखने को मिला कि सेटेलाइट सेंटर के अंदर बनने वाली अधिकांश सड़कें और छह मंजिला एम्स की बिल्डिंग बन चुकी हैं। इसमें प्लास्टर, कलर और फर्नीचर का काम होना बाकी है। प्रथम तल में प्लास्तर शुरू हो गया है। इसी में ओपीडी शुरू हो जाएगी। बाकी काम धीरे-धीरे चलता रहेगा।
ओपीडी से पहले कक्ष तैयार कर आधुनिक मशीनें और डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। एम्स के ठीक सामने डॉक्टरों के लिए फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। इसमें रंग रोगन शुरू हो गया है। डॉक्टरों के आवासों को जाने के लिए सड़कें बन रही हैं।
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मिलेंगी ये सुविधाएं
यह एक अत्याधुनिक अस्पताल होगा। इसे बनाने का उद्देश्य कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों को बेहतर और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एम्स सेटेलाइट सेंटर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, आईसीयू, ओपीडी और आईपी जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।
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280 बेड की संख्या होगी
किच्छा के निर्माणाधीन एम्स अस्पताल में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों के अनुसार 280 बेड होंगे। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। यहां पर जांच के उपरांत मरीजों को गंभीर हालत होने पर ऋषिकेश ले जाया जा सकेगा।
.....वर्जन
निर्माणदायी संस्था तेजी से काम कर रही है। सरकार की कोशिश एम्स सेटेलाइट सेंटर को जल्द शुरू करने की है। कंपनी ने मई तक काम पूरा करने का दावा किया है। इसमें 800 श्रमिक लगे हैं। -जय किशन, उपाध्यक्ष, प्राधिकरण।
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किच्छा के खुरपिया फार्म में 110 एकड़ जमीन पर 500 करोड़ से अधिक की लागत से एम्स सेटेलाइट सेंटर बनाया जा रहा है। इसका शिलान्यास नवंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। खास बात ये है कि एम्स ऋषिकेश के अधीन रहेगा। कंपनी और प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे दावे की पड़ताल करने के लिए अमर उजाला की टीम शनिवार को खुरपिया फार्म पहुंची।
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यहां देखने को मिला कि सेटेलाइट सेंटर के अंदर बनने वाली अधिकांश सड़कें और छह मंजिला एम्स की बिल्डिंग बन चुकी हैं। इसमें प्लास्टर, कलर और फर्नीचर का काम होना बाकी है। प्रथम तल में प्लास्तर शुरू हो गया है। इसी में ओपीडी शुरू हो जाएगी। बाकी काम धीरे-धीरे चलता रहेगा।
ओपीडी से पहले कक्ष तैयार कर आधुनिक मशीनें और डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। एम्स के ठीक सामने डॉक्टरों के लिए फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। इसमें रंग रोगन शुरू हो गया है। डॉक्टरों के आवासों को जाने के लिए सड़कें बन रही हैं।
मिलेंगी ये सुविधाएं
यह एक अत्याधुनिक अस्पताल होगा। इसे बनाने का उद्देश्य कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों को बेहतर और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। एम्स सेटेलाइट सेंटर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, आईसीयू, ओपीडी और आईपी जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।
280 बेड की संख्या होगी
किच्छा के निर्माणाधीन एम्स अस्पताल में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों के अनुसार 280 बेड होंगे। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। यहां पर जांच के उपरांत मरीजों को गंभीर हालत होने पर ऋषिकेश ले जाया जा सकेगा।
.....वर्जन
निर्माणदायी संस्था तेजी से काम कर रही है। सरकार की कोशिश एम्स सेटेलाइट सेंटर को जल्द शुरू करने की है। कंपनी ने मई तक काम पूरा करने का दावा किया है। इसमें 800 श्रमिक लगे हैं। -जय किशन, उपाध्यक्ष, प्राधिकरण।
