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Udham Singh Nagar News: धान की खेती में पानी की बचत के लिए डीएसआर तकनीक अपनाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:35 AM IST
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काशीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काशीपुर में 21वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें पिछले वर्ष 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और आगामी वर्ष 2025-26 के लिए कृषि व संबद्ध क्षेत्रों के लिए नया एक्शन प्लान तैयार किया गया।
शनिवार को केंद्र में आयोजित बैठक का मार्गदर्शन पंतनगर विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ. एसके वर्मा व निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने किया। इस दौरान डॉ. अजय प्रभाकर ने अनाज, दलहन, मक्का और गन्ना फसलों की उन्नत किस्मों व उनके उत्पादन लक्ष्यों पर विशेष रिपोर्ट साझा की। इसके साथ ही गन्ना अनुसंधान संस्थान के प्रभारी डॉ. संजय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार यादव और राजकीय आलू फार्म काशीपुर की उप-निदेशक यामिनी सुमन ने भी विभागीय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी सुझाव साझा दिए।
केवीके काशीपुर के वैज्ञानिक डॉ. एसके शर्मा, डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. अनिल सैनी, डॉ. निर्मला भट्ट और डॉ. अजय प्रभाकर ने अपने-अपने विभागों के ऑन-फार्म ट्रायल, फ्रंट लाइन प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में कुंवरपाल, चंद्रकला और बलकार सिंह आदि लोग मौजूद थे।
इनसेट...
बैठक में लिए गए निर्णय
बैठक में धान की खेती में पानी की बचत के लिए डीएसआर तकनीक और बासमती चावल के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। वहीं, कीट प्रबंधन के लिए आम की फसल में मिलीबग के प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। मत्स्य पालन में आधुनिक बायोफ्लॉक तकनीक और पशुपालन विभाग के सहयोग से हर ब्लॉक स्तर पर महीने में एक बार पशु चिकित्सा शिविर व नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना तय हुआ। साथ ही, महिला सशक्तिकरण के लिए गृह विज्ञान विभाग की ओर से ग्रामीण महिलाओं की मेहनत कम करने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
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शनिवार को केंद्र में आयोजित बैठक का मार्गदर्शन पंतनगर विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ. एसके वर्मा व निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने किया। इस दौरान डॉ. अजय प्रभाकर ने अनाज, दलहन, मक्का और गन्ना फसलों की उन्नत किस्मों व उनके उत्पादन लक्ष्यों पर विशेष रिपोर्ट साझा की। इसके साथ ही गन्ना अनुसंधान संस्थान के प्रभारी डॉ. संजय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार यादव और राजकीय आलू फार्म काशीपुर की उप-निदेशक यामिनी सुमन ने भी विभागीय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी सुझाव साझा दिए।
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केवीके काशीपुर के वैज्ञानिक डॉ. एसके शर्मा, डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. अनिल सैनी, डॉ. निर्मला भट्ट और डॉ. अजय प्रभाकर ने अपने-अपने विभागों के ऑन-फार्म ट्रायल, फ्रंट लाइन प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में कुंवरपाल, चंद्रकला और बलकार सिंह आदि लोग मौजूद थे।
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बैठक में लिए गए निर्णय
बैठक में धान की खेती में पानी की बचत के लिए डीएसआर तकनीक और बासमती चावल के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। वहीं, कीट प्रबंधन के लिए आम की फसल में मिलीबग के प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। मत्स्य पालन में आधुनिक बायोफ्लॉक तकनीक और पशुपालन विभाग के सहयोग से हर ब्लॉक स्तर पर महीने में एक बार पशु चिकित्सा शिविर व नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना तय हुआ। साथ ही, महिला सशक्तिकरण के लिए गृह विज्ञान विभाग की ओर से ग्रामीण महिलाओं की मेहनत कम करने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
