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Udham Singh Nagar News: रोडवेज डिपो के आखिरी अतिक्रमण पर भी चला पीला पंजा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:38 AM IST
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रुद्रपुर। रोडवेज डिपो परिसर पर किए गए आखिरी अतिक्रमण को भी परिवहन निगम ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में ढहा दिया। परिवहन निगम की भूमि में किए गए 12 कब्जों में से 11 पूर्व में ढहा दिए गए थे।
शनिवार को निगम के आला अधिकारियों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीन से अतिक्रमण को ढहा दिया। रोडवेज डिपो की जमीन पर कई दशक पहले 12 लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के भवन बना दिए थे। डेढ़ दशक पहले परिवहन निगम के नोटिस जारी करने पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।
हाईकोर्ट से मामला खारिज होने पर परिवहन निगम ने 10 अतिक्रमण बीते वर्ष मार्च में ढहा दिए थे। रोडवेज डिपो के प्रभारी सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार ने बताया कि दो लोगों ने निचली अदालत में अपील की थी। इसमें से एक मामला निचली अदालत से खारिज होने के बाद बीते अप्रैल में निर्माण ढहा दिया था।
निचली अदालत से आखिरी मामले का निस्तारण होने के बाद शनिवार को वह अतिक्रमण भी जेसीबी लगाकर ढहा दिया गया। अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित को मकान से सामान निकालने का मौका दिया गया।
मौके पर परिवहन निगम की मंडलीय प्रबंधक (संचालन) पूजा जोशी, हल्द्वानी डिपो के एजीएम (सहायक महाप्रबंधक) संजय पांडेय, काठगोदाम डिपो के एजीएम गणेश पंत, एजीएम कार्मिक मनोज दुर्गापाल मौजूद थे।
रोडवेज कर्मियों ने ही किया था अतिक्रमण
रोडवेज डिपो परिसर में अतिक्रमण बाहरी व्यक्तियों ने नहीं, निगम के ही कर्मियों ने किए थे। फोरमैन आवास परिसर में कब्जा पर मकान बना लिए थे। अतिक्रमण राज्य बनने से पहले से किया जाने लगा था। निगम की करीब एक बीघा जमीन में कब्जा हुआ था। अतिक्रमण के मामले में निगम ने दो कर्मियों को बर्खास्त भी किया था।
आईएसबीटी निर्माण में बना था बाधक
डिपो परिसर को आईएसबीटी टर्मिनल में तब्दील किया जा रहा है। इसके तहत कार्यशाला और नए बस अड्डे का भवन बन चुका है। परिसर में प्रवेश और निकासी द्वार, पेट्रोल पंप आदि का निर्माण होना है। इसमें अतिक्रमण बाधा बन गया था। निर्माण एजेंसी ने जमीन उपलब्ध न होने के कारण शेष कार्य रोक दिया था। जिस स्थान से पक्के निर्माण ढहाए गए हैं। वहां निगम का पेट्रोल पंप का निर्माण होना है। अब आईएसबीटी टर्मिनल के अवशेष कार्य हो सकेंगे।
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शनिवार को निगम के आला अधिकारियों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीन से अतिक्रमण को ढहा दिया। रोडवेज डिपो की जमीन पर कई दशक पहले 12 लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के भवन बना दिए थे। डेढ़ दशक पहले परिवहन निगम के नोटिस जारी करने पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।
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हाईकोर्ट से मामला खारिज होने पर परिवहन निगम ने 10 अतिक्रमण बीते वर्ष मार्च में ढहा दिए थे। रोडवेज डिपो के प्रभारी सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार ने बताया कि दो लोगों ने निचली अदालत में अपील की थी। इसमें से एक मामला निचली अदालत से खारिज होने के बाद बीते अप्रैल में निर्माण ढहा दिया था।
निचली अदालत से आखिरी मामले का निस्तारण होने के बाद शनिवार को वह अतिक्रमण भी जेसीबी लगाकर ढहा दिया गया। अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित को मकान से सामान निकालने का मौका दिया गया।
मौके पर परिवहन निगम की मंडलीय प्रबंधक (संचालन) पूजा जोशी, हल्द्वानी डिपो के एजीएम (सहायक महाप्रबंधक) संजय पांडेय, काठगोदाम डिपो के एजीएम गणेश पंत, एजीएम कार्मिक मनोज दुर्गापाल मौजूद थे।
रोडवेज कर्मियों ने ही किया था अतिक्रमण
रोडवेज डिपो परिसर में अतिक्रमण बाहरी व्यक्तियों ने नहीं, निगम के ही कर्मियों ने किए थे। फोरमैन आवास परिसर में कब्जा पर मकान बना लिए थे। अतिक्रमण राज्य बनने से पहले से किया जाने लगा था। निगम की करीब एक बीघा जमीन में कब्जा हुआ था। अतिक्रमण के मामले में निगम ने दो कर्मियों को बर्खास्त भी किया था।
आईएसबीटी निर्माण में बना था बाधक
डिपो परिसर को आईएसबीटी टर्मिनल में तब्दील किया जा रहा है। इसके तहत कार्यशाला और नए बस अड्डे का भवन बन चुका है। परिसर में प्रवेश और निकासी द्वार, पेट्रोल पंप आदि का निर्माण होना है। इसमें अतिक्रमण बाधा बन गया था। निर्माण एजेंसी ने जमीन उपलब्ध न होने के कारण शेष कार्य रोक दिया था। जिस स्थान से पक्के निर्माण ढहाए गए हैं। वहां निगम का पेट्रोल पंप का निर्माण होना है। अब आईएसबीटी टर्मिनल के अवशेष कार्य हो सकेंगे।
