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सुखवंत आत्महत्या मामला : जिस जमीन की कराई थी रजिस्ट्री, मौके पर नहीं मिली वह जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:31 AM IST
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काशीपुर। जमीन खरीद-फरोख्त में आत्महत्या करने वाले किसान सुखवंत सिंह के मामले में एसआईटी व कुमाऊं कमिश्नर की जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में जिस जमीन की किसान सुखवंत सिंह की रजिस्ट्री कराई गई थी, वह जांच के दौरान मौके पर न मिलने से संदेह के बादल और मंडराने लगे हैं।
मृतक के भाई परविंदर सिंह ने शनिवार को बताया कि बीते दिनों एसडीएम, तहसीलदार व पटवारी खड़कपुर देवीपुरा सात हजार वर्ग फीट जमीन को देखने गए थे। इसको लेकर उनके भाई सुखवंत सिंह ने प्रॉपर्टी डीलरों को चार करोड़ रुपये दिए थे और रजिस्ट्री कराई थी। उन्होंने बताया कि जब अधिकारी मौके पर जमीन देखने गए तो वहां ऐसी कोई जमीन नहीं मिली। बल्कि एक हजार वर्ग फीट जमीन मिली जो कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम थी। बताया कि प्रापर्टी डीलरों ने पावर ऑफ अटॉर्नी से फर्जी रजिस्ट्री कराई थी। परविंदर सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार को कुमाऊं कमिश्नर ने हल्द्वानी में उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। वहां उन्होंने अपने बयान दर्ज किए हैं। बताया उनके भाई को प्रॉपर्टी डीलरों ने अंधेरे में रखा और जमीन का सौदा कर रुपये हड़प लिए और उसके भाई ने आत्महत्या कर ली।
बता दें कि आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में लगभग चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी होने से परेशान होकर काठगोदाम के एक होटल में 10-11 जनवरी की देर रात को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन-प्रशासन ने आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में एसआईटी की गठन किया गया। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के लिए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। दोनों जांच टीम इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही हैं। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुखवंत सिंह को आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर कर दिया था। एसआईटी इस मामले में परिजनों व पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुकी है और घटनास्थल पर भी जांच कर रही है। वहीं कुमाऊं कमिश्नर अपने स्तर से अलग जांच कर रहे हैं। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस घटनाक्रम में कौन-कौन लोग दोषी हैं।
प्रशासन जिले में खंगाल रहा जमीन खरीद फरोख्त के मामले
काशीपुर। मृतक किसान सुखवंत सिंह के साथ जमीन खरीद फरोख्त में हुई लेकर धोखाधड़ी के बाद शासन-प्रशासन अलर्ट मूड में आ गया है और लगातार लैंड फ्रॉड को लेकर जितने भी मामले से प्रकाश में आ रहे हैं। उसकी संबंधित अधिकारी बारीकी से पत्रावलियों की जांच कर रहे हैं।
एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कई मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं जिसमें प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन कहीं और दिखाई और सौदा किसी और जमीन का करके खरीदार से लाखों रुपए ले लिए। साथ ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदार के नाम रजिस्टरी करा दी।
इस संबंध में जिलाधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि जमीन खरीद फरोख्त से संबंधित किसी भी मामले में जांच की जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शनिवार को रुद्रपुर में भी अधिकारियों की बैठक लेकर डीएम ने जमीन की खरीद फरोख्त व सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया बहुत से लोग स्वेच्छा से अपनी शिकायत लेकर आ रहे हैं। वहीं प्रशासन भी अपने स्तर से पूर्व में आई शिकायतों का बारीकी से जांच पड़ताल करने का प्रयास कर रहा है।
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मृतक के भाई परविंदर सिंह ने शनिवार को बताया कि बीते दिनों एसडीएम, तहसीलदार व पटवारी खड़कपुर देवीपुरा सात हजार वर्ग फीट जमीन को देखने गए थे। इसको लेकर उनके भाई सुखवंत सिंह ने प्रॉपर्टी डीलरों को चार करोड़ रुपये दिए थे और रजिस्ट्री कराई थी। उन्होंने बताया कि जब अधिकारी मौके पर जमीन देखने गए तो वहां ऐसी कोई जमीन नहीं मिली। बल्कि एक हजार वर्ग फीट जमीन मिली जो कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम थी। बताया कि प्रापर्टी डीलरों ने पावर ऑफ अटॉर्नी से फर्जी रजिस्ट्री कराई थी। परविंदर सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार को कुमाऊं कमिश्नर ने हल्द्वानी में उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। वहां उन्होंने अपने बयान दर्ज किए हैं। बताया उनके भाई को प्रॉपर्टी डीलरों ने अंधेरे में रखा और जमीन का सौदा कर रुपये हड़प लिए और उसके भाई ने आत्महत्या कर ली।
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बता दें कि आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में लगभग चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी होने से परेशान होकर काठगोदाम के एक होटल में 10-11 जनवरी की देर रात को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन-प्रशासन ने आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में एसआईटी की गठन किया गया। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के लिए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। दोनों जांच टीम इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही हैं। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुखवंत सिंह को आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर कर दिया था। एसआईटी इस मामले में परिजनों व पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज कर चुकी है और घटनास्थल पर भी जांच कर रही है। वहीं कुमाऊं कमिश्नर अपने स्तर से अलग जांच कर रहे हैं। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस घटनाक्रम में कौन-कौन लोग दोषी हैं।
प्रशासन जिले में खंगाल रहा जमीन खरीद फरोख्त के मामले
काशीपुर। मृतक किसान सुखवंत सिंह के साथ जमीन खरीद फरोख्त में हुई लेकर धोखाधड़ी के बाद शासन-प्रशासन अलर्ट मूड में आ गया है और लगातार लैंड फ्रॉड को लेकर जितने भी मामले से प्रकाश में आ रहे हैं। उसकी संबंधित अधिकारी बारीकी से पत्रावलियों की जांच कर रहे हैं।
एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कई मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं जिसमें प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन कहीं और दिखाई और सौदा किसी और जमीन का करके खरीदार से लाखों रुपए ले लिए। साथ ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदार के नाम रजिस्टरी करा दी।
इस संबंध में जिलाधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि जमीन खरीद फरोख्त से संबंधित किसी भी मामले में जांच की जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शनिवार को रुद्रपुर में भी अधिकारियों की बैठक लेकर डीएम ने जमीन की खरीद फरोख्त व सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया बहुत से लोग स्वेच्छा से अपनी शिकायत लेकर आ रहे हैं। वहीं प्रशासन भी अपने स्तर से पूर्व में आई शिकायतों का बारीकी से जांच पड़ताल करने का प्रयास कर रहा है।
