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Udham Singh Nagar News: एंबुलेंस की राह के बाधक बने ई-रिक्शा, आपातकालीन सेवाएं हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:27 AM IST
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खटीमा। उप जिला अस्पताल के गेट और परिसर में ई-रिक्शा के खड़े होने से आपातकालीन सेवाओं में बाधा आ रही है जिससे एंबुलेंस को आवाजाही में दिक्कत होती है। अस्पताल प्रशासन की चेतावनी के बावजूद ई-रिक्शा परिसर में जबरन खड़े हो रहे हैं।
खटीमा उप जिला अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं के लिए चार एंबुलेंस और दो खुशियों की सवारी वाहन हैं। इसके अलावा कई मरीज ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल छोड़ने के बाद ई-रिक्शा चालक डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के इंतजार में परिसर में ही खड़े रहते हैं। इससे घायलों को लेकर आने वाली 108 एंबुलेंस के आवाजाही में असुविधा होती है।
कई बार एंबुलेंस में गंभीर मरीज भी होते हैं उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत होती हैं। इसके अलावा कई बार प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को स्वास्थ्य विभाग की मिलने वाली सुविधाओं में भी यह बाधक बन जाते हैं। खुशियों की सवारी वाहन के आने में देर होने पर ई-रिक्शा चालक किराया लेकर उन्हें घर तक छोड़ देते हैं।
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कोट-
ई-रिक्शा के अस्पताल परिसर में जबरन खड़े होने से 108 एंबुलेंस की आवाजाही में परेशानी होती है। कई बार एंबुलेंस में गंभीर मरीज होते हैं जिन्हें तत्काल उपचार की जरूरत होती है। ई-रिक्शा को परिसर में खड़ा करने पर कई बार चेतावनी दी गई है लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हो रहा। - डॉ. केसी पंत, सीएमएस, उप जिला अस्पताल, खटीमा
खटीमा उप जिला अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं के लिए चार एंबुलेंस और दो खुशियों की सवारी वाहन हैं। इसके अलावा कई मरीज ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल छोड़ने के बाद ई-रिक्शा चालक डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के इंतजार में परिसर में ही खड़े रहते हैं। इससे घायलों को लेकर आने वाली 108 एंबुलेंस के आवाजाही में असुविधा होती है।
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कई बार एंबुलेंस में गंभीर मरीज भी होते हैं उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत होती हैं। इसके अलावा कई बार प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को स्वास्थ्य विभाग की मिलने वाली सुविधाओं में भी यह बाधक बन जाते हैं। खुशियों की सवारी वाहन के आने में देर होने पर ई-रिक्शा चालक किराया लेकर उन्हें घर तक छोड़ देते हैं।
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