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खेत किसानों की आत्मा हैं, इन्हें बचाएं : जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:44 PM IST
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गोष्ठी में विभागों के स्टाल का निरीक्षण करते कृषि मंत्री। संवाद
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काशीपुर। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा है कि खेत किसानों की आत्मा हैं और आत्मा को जिंदा रखना किसान का दायित्व है। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर देते हुए रसायनिक खादों का उपयोग कम करने की सलाह दी। कहा कि धरती मां स्वस्थ रहेगी तो उपज भी अच्छी होगी।
प्रदेश के कृषि मंत्री जोशी रविवार को बाजपुर रोड स्थित गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रेक्षागृह में खेत बचाओ अभियान के शुभारंभ पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने, अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। यह मुहिम तीस जून तक चलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि धान का कटोरा कहे जाने वाो ऊधमसिंह नगर अधिक यूरिया के उपयोग के कारण उवर्रकता में 13वें स्थान पर है। यूरिया और डीएपी के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, जिसे संतुलित उर्वरक प्रबंधन और जैविक खेती के माध्यम से ठीक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार ने लैब टू लैंड की अवधारणा को धरातल पर उतारा है। कृषि वैज्ञानिक स्वयं किसानों के खेतों तक पहुंचकर मिट्टी का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के हित में पीएम सम्मान निधि समेत तमाम योजनाएं चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम पुष्कर सिंह धामी की सराहना भी की। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि महापौर दीपक बाली ने कहा कि क्षणिक लाभ के लिए उर्वरकों का अत्यंत उपयोग खतरनाक है।
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जीबी पंत विवि के कृषि प्रबंधन निदेशक डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने जिले में मिट्टी में मौजूद तत्वों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फसल चक्र अपनाने के लिए दलहनी खेती करने पर जोर दिया। गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल चंद्रा, सीडीओ सुशील मोहन डोभाल, जिला कृषि अधिकारी विकेश यादव, भू संरक्षण अधिकारी कल्याण सिंह रावत, गन्ना समिति सचिव सुरेंद्र सिंह, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अमित नारंग व विजय कुमार बॉबी आदि थे।
प्रदेश के कृषि मंत्री जोशी रविवार को बाजपुर रोड स्थित गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रेक्षागृह में खेत बचाओ अभियान के शुभारंभ पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने, अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। यह मुहिम तीस जून तक चलेगी।
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कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि धान का कटोरा कहे जाने वाो ऊधमसिंह नगर अधिक यूरिया के उपयोग के कारण उवर्रकता में 13वें स्थान पर है। यूरिया और डीएपी के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, जिसे संतुलित उर्वरक प्रबंधन और जैविक खेती के माध्यम से ठीक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार ने लैब टू लैंड की अवधारणा को धरातल पर उतारा है। कृषि वैज्ञानिक स्वयं किसानों के खेतों तक पहुंचकर मिट्टी का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के हित में पीएम सम्मान निधि समेत तमाम योजनाएं चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम पुष्कर सिंह धामी की सराहना भी की। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि महापौर दीपक बाली ने कहा कि क्षणिक लाभ के लिए उर्वरकों का अत्यंत उपयोग खतरनाक है।
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