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Uttarkashi News: यूजीसी नियमों के विरोध में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 31 Jan 2026 05:31 PM IST
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उत्तरकाशी। अखिल भारतीय समानता मंच उत्तराखंड से जुड़े पदाधिकारियों ने यूजीसी के नए नियमों का विरोध जताया है। यूजीसी नियमों के विरोध में संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन में समानता मंच के लोगों ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का नया नियम एक पक्षीय है और भेदभावपूर्ण है जिससे जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलना तय है। एक तरह से यूजीसी में उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत सामान्य वर्ग के समस्त छात्रों के साथ अत्यंत सौतेला एवं घोर अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है। काले कानून के रूप में यह केवल सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ ही कार्यवाही करेगा।
शिकायत झूठी पाये जाने पर भी आरोपित की क्षतिपूर्ति किये जाने और शिकायतकर्ता को दंडित करने का कोई प्रावधान इसमें न होने के कारण इसका दुरुपयोग ही अधिक होना निश्चित है। संगठन की तरफ से यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन भेजने वालों समानता मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार धस्माना, महासचिव जगदीश प्रसाद कुकरेती, रामकृष्ण नौटियाल, वाचस्पति नौटियाल, दिनेश प्रकाश नौटियाल, राकेश नौटियाल, जुगल नौटियाल, प्रवीण आदि थे। संवाद
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राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन में समानता मंच के लोगों ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का नया नियम एक पक्षीय है और भेदभावपूर्ण है जिससे जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलना तय है। एक तरह से यूजीसी में उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत सामान्य वर्ग के समस्त छात्रों के साथ अत्यंत सौतेला एवं घोर अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है। काले कानून के रूप में यह केवल सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ ही कार्यवाही करेगा।
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शिकायत झूठी पाये जाने पर भी आरोपित की क्षतिपूर्ति किये जाने और शिकायतकर्ता को दंडित करने का कोई प्रावधान इसमें न होने के कारण इसका दुरुपयोग ही अधिक होना निश्चित है। संगठन की तरफ से यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन भेजने वालों समानता मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार धस्माना, महासचिव जगदीश प्रसाद कुकरेती, रामकृष्ण नौटियाल, वाचस्पति नौटियाल, दिनेश प्रकाश नौटियाल, राकेश नौटियाल, जुगल नौटियाल, प्रवीण आदि थे। संवाद
