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Uttarkashi News: महापंचायत में रवांई पृथक जनपद की मांग उठी, सीएम को ज्ञापन भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 31 Jan 2026 05:30 PM IST
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जिला बनाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर कमल गंगा तट खेल मैदान में हुआ आयोजन
पुरोला। रवांई पृथक जनपद गठन व पुरोला को जिला मुख्यालय बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग फिर से उठने लगी है। बीते शुक्रवार को जिला बनाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर कमल गंगा तट खेल मैदान में महापंचायत का आयोजन किया गया। बैठक में पृथक जनपद निर्माण की आवश्यकता, इसके सामाजिक, भौगोलिक कारणों व आगे की आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जल्द ही यदि इस मांग पर सरकार कोई उचित एक्शन नहीं लेती है तो क्षेत्रीय जनता को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महापंचायत का नेतृत्व संघर्ष समिति संयोजक व कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार ने किया। बैठक में रामा, कमल सिरांई, मोरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।
संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा कि उत्तरकाशी जनपद की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रवांई घाटी के डामटा, पुरोला, नौगांव एवं हिमाचल से लगे मोरी क्षेत्र के निवासियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राड़ी टॉप के बाद हिमाचल सीमा से लगे आराकोट तक के क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए पृथक रवांई जनपद का गठन हो। उत्तर प्रदेश शासनकाल में सचिव भार्गव समिति की ओर से रवांई को पृथक जनपद एवं पुरोला को मुख्यालय बनाए जाने पर सैद्धांतिक सहमति भी दी गई थी। महापंचायत में संघर्ष समिति अध्यक्ष बलदेव असवाल, गंभीर सिंह चौहान, अंकित पंवार, उपेंद्र राणा, मुरारी लाल, चंडी प्रसाद खंडूड़ी, पूर्ण नौटियाल, राजेश विजल्वाण, उमेंद्र रावत, सोहन पोखरियाल, रविंद्र सिंह, दीपक नौडियाल, दिनेश, अरविंद, जगजीवन राणा, दिनेश प्रसाद भट्ट, भूपाल गुसाईं, मनजीत आर्य सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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पुरोला। रवांई पृथक जनपद गठन व पुरोला को जिला मुख्यालय बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग फिर से उठने लगी है। बीते शुक्रवार को जिला बनाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर कमल गंगा तट खेल मैदान में महापंचायत का आयोजन किया गया। बैठक में पृथक जनपद निर्माण की आवश्यकता, इसके सामाजिक, भौगोलिक कारणों व आगे की आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जल्द ही यदि इस मांग पर सरकार कोई उचित एक्शन नहीं लेती है तो क्षेत्रीय जनता को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महापंचायत का नेतृत्व संघर्ष समिति संयोजक व कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार ने किया। बैठक में रामा, कमल सिरांई, मोरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।
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संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा कि उत्तरकाशी जनपद की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रवांई घाटी के डामटा, पुरोला, नौगांव एवं हिमाचल से लगे मोरी क्षेत्र के निवासियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राड़ी टॉप के बाद हिमाचल सीमा से लगे आराकोट तक के क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए पृथक रवांई जनपद का गठन हो। उत्तर प्रदेश शासनकाल में सचिव भार्गव समिति की ओर से रवांई को पृथक जनपद एवं पुरोला को मुख्यालय बनाए जाने पर सैद्धांतिक सहमति भी दी गई थी। महापंचायत में संघर्ष समिति अध्यक्ष बलदेव असवाल, गंभीर सिंह चौहान, अंकित पंवार, उपेंद्र राणा, मुरारी लाल, चंडी प्रसाद खंडूड़ी, पूर्ण नौटियाल, राजेश विजल्वाण, उमेंद्र रावत, सोहन पोखरियाल, रविंद्र सिंह, दीपक नौडियाल, दिनेश, अरविंद, जगजीवन राणा, दिनेश प्रसाद भट्ट, भूपाल गुसाईं, मनजीत आर्य सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
