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भागीरथी में कूड़ा : आस्था और पर्यावरण दोनों संकट में
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 11 Apr 2026 04:14 PM IST
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जोशियाड़ा झूला पुल के पास उड़ेला जा रहा घरों का कूड़ा
उत्तरकाशी। जोशियाड़ा में झूला पुल के समीप खुलेआम कूड़ा फेंका जा रहा है जो सीधे भागीरथी में जाकर नदी को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय लोगों की ओर से वहां पर घरों का कूड़ा डाला गया है।
गंगा तट पर स्थित होने के कारण भागीरथी नदी का यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्रतिदिन सुबह मणिकर्णिका घाट सहित अन्य घाटों पर पूजा-अर्चना और स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में गंदगी और कूड़े की मौजूदगी से श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है।
तांबाखाणी सुरंग क्षेत्र में भी कूड़ा प्रबंधन की गंभीर समस्या बनी थी और वहां का कूड़ा सीधे भागीरथी में जाकर नदी को प्रदूषित करने का काम कर रहा था। तांबाखाणी सुरंग के बाहर से कूड़ा हटने के बाद नदी में गिर रही गंदगी रुकी लेकिन जोशियाड़ा क्षेत्र में अब वही स्थिति सामने आने से कूड़ा प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर के व्यापारी अजय बडोला, विष्णुपाल रावत का कहना है कि नदी किनारे कूड़ा डालने पर सख्त रोक लगाई जाए और नियमित कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था हो। भागीरथी नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाने और लापरवाही करने वालों पर भी कार्रवाई की भी मांग की है। ईओ शालिनी चित्राण का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही मामले का संज्ञान लेकर वहां कूड़ा डालने से रोका जाएगा।
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उत्तरकाशी। जोशियाड़ा में झूला पुल के समीप खुलेआम कूड़ा फेंका जा रहा है जो सीधे भागीरथी में जाकर नदी को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय लोगों की ओर से वहां पर घरों का कूड़ा डाला गया है।
गंगा तट पर स्थित होने के कारण भागीरथी नदी का यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्रतिदिन सुबह मणिकर्णिका घाट सहित अन्य घाटों पर पूजा-अर्चना और स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में गंदगी और कूड़े की मौजूदगी से श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है।
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तांबाखाणी सुरंग क्षेत्र में भी कूड़ा प्रबंधन की गंभीर समस्या बनी थी और वहां का कूड़ा सीधे भागीरथी में जाकर नदी को प्रदूषित करने का काम कर रहा था। तांबाखाणी सुरंग के बाहर से कूड़ा हटने के बाद नदी में गिर रही गंदगी रुकी लेकिन जोशियाड़ा क्षेत्र में अब वही स्थिति सामने आने से कूड़ा प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर के व्यापारी अजय बडोला, विष्णुपाल रावत का कहना है कि नदी किनारे कूड़ा डालने पर सख्त रोक लगाई जाए और नियमित कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था हो। भागीरथी नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाने और लापरवाही करने वालों पर भी कार्रवाई की भी मांग की है। ईओ शालिनी चित्राण का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही मामले का संज्ञान लेकर वहां कूड़ा डालने से रोका जाएगा।