लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दुर्ग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत भिलाई के न्यू सिविक सेंटर में संचालित कई कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार कोचिंग सेंटरों को सील बंद की कार्रवाई की है।
जिला अग्निशमन विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने न्यू सिविक सेंटर स्थित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में फायर सेफ्टी के बुनियादी इंतजाम तक मौजूद नहीं थे। अग्निशमन यंत्र,आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के चलते मोशन, वेदंतु, राम और सीएडी कोचिंग सेंटरों पर सील कर दिया गया।कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों में आनन-फानन में फायर एक्सटिंग्विशर मंगाकर लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है। भिलाई को प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है, जहां हजारों विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जिला अग्निशमन विभाग के अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि जिन संस्थानों में गंभीर खामियां मिली हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-10,न्यू सिविक सेंटर, सुपेला, रिसाली, नेहरू नगर और दुर्ग सहित जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच जारी रहेगी वहीं सील किए गए कोचिंग संचालकों का कहना है कि सभी फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने के बाद ही संस्थान दोबारा शुरू किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

फायर एंड सेफ्टी में खामियां पाने पर 4 कोचिंग सेंटर को किया गया सील।- फोटो : credit