नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के गोगुंडा इलाके में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक दशक पुराने 20 फीट ऊंचे स्मारक को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई क्षेत्र में माओवादी प्रभाव समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की लंबे समय से इस इलाके पर पैनी नजर बनी हुई थी।
बताया जा रहा है कि गोगुंडा क्षेत्र कभी माओवादियों का मजबूत गढ़ रहा है, जहां उनका संगठनात्मक और वैचारिक प्रभाव काफी गहरा था। हालांकि, इलाके में स्थायी सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद माओवादियों की गतिविधियों में लगातार कमी आई है। सुरक्षाबलों की नियमित गश्त और रणनीतिक दबाव के चलते अब इस क्षेत्र में उनकी पकड़ कमजोर पड़ चुकी है।
इसी क्रम में माओवादियों की केंद्रीय कमेटी के सदस्य रमन्ना के नाम पर बनाए गए 20 फीट ऊंचे स्मारक को चिह्नित किया गया। सुरक्षाबलों ने योजनाबद्ध तरीके से स्मारक को विस्फोट कर ध्वस्त किया, ताकि भविष्य में इसे माओवादी प्रतीक या प्रचार स्थल के रूप में इस्तेमाल न किया जा सके।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से नक्सल विचारधारा के प्रतीकों को खत्म करने में मदद मिलती है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है। क्षेत्र में शांति बहाल करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।