राजनांदगांव में संयुक्त ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों,किसानों और योजनाकर्मियों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर हस्तक्षेप की मांग की,इस दौरान कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल हुए इस दौरान संयुक्त ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा हैं।
श्रमिकों के लंबे संघर्षों से बने श्रम कानूनों को समाप्त कर केंद्र सरकार द्वारा चार नए श्रम कोड लागू किए गए हैं,जिसे यूनियन द्वारा मजदूरों के हित पर नहीं बताया गया हैं,संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने इन श्रम कोड को तत्काल रद्द किए जाने की मांग की है,इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिकाएं,मध्यान्ह भोजन रसोइया,मितानिन सहित सभी योजनाकर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देने एवं मानदेय वेतन में वृद्धि करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 26,000 रुपये और सहायिका को 18,000 रुपये मानदेय दिए जाने की मांग की गई है,इसके साथ ही तृतीय श्रेणी योजनाकर्मियों को 26,000 रुपये एवं चतुर्थ श्रेणी को 18,000 रुपये वेतन देने की मांग भी रखी गई हैं,किसानों के हित में समर्थन मूल्य गारंटी कानून पारित करने,मनरेगा को बहाल करने,एलआईसी में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश वापस लेने और विभिन्न मांगों को लेकर यूनियन के द्वारा ज्ञापन दिया गया हैं।