गणित के सूत्र अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों की टी-शर्ट पर भी नजर आ रहे हैं। सेक्टर-12 स्थित जिले के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में शुरू हुआ मैथ्स क्लब छात्रों को गणित सीखने का नया अनुभव दे रहा है। यहां छात्र प्रयोगों, मॉडल और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से गणित को समझ रहे हैं। कभी जिस विषय से छात्र दूरी बनाते थे, अब वही उनका पसंदीदा विषय बनता जा रहा है।
मैथ्स क्लब के छात्रों ने खुद टी-शर्ट तैयार की हैं, जिन पर त्रिभुज, गणितीय आकृतियां और विभिन्न सूत्र बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना और विषय को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना है।
सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरण
कॉलेज को सरकार की ओर से गणित विषय से जुड़े उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने भी प्रयास करते हुए सीएसआर के माध्यम से कुछ उपकरण जुटाए हैं। इनकी मदद से छात्रों को गणित के कठिन सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से समझाया जा रहा है। इसके लिए स्कूल में मैथ्स लैब भी संचालित की जा रही है।
क्लब के लिए दो बनाए गए ग्रुप
मैथ्स क्लब में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को शामिल किया गया है। छात्रों के दो ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें 75 से अधिक विद्यार्थी जुड़े हुए हैं। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्हें पहले गणित समझने में परेशानी होती थी और विषय पसंद नहीं था। क्लब से जुड़ने के बाद अब वे गणित को आसानी से समझ पा रहे हैं और इसे अपना पसंदीदा विषय मानने लगे हैं।
अपनी रुचि को प्रदर्शित करने के लिए बनाई टी-शर्ट
क्लब से जुड़े छात्रों ने अपनी रुचि को प्रदर्शित करने के लिए खुद टी-शर्ट तैयार की हैं। इन टी-शर्ट पर त्रिभुज, गणित के सूत्र और अन्य गणितीय आकृतियां बनाई गई हैं। यह छात्रों की रचनात्मकता और गणित के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
आईआईटी में मिला प्रशिक्षण
मैथ्स क्लब के शिक्षकों को आईआईटी की ओर से प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे छात्रों को आधुनिक और प्रभावी तरीके से गणित पढ़ा सकें। शिक्षकों का कहना है कि क्लब का उद्देश्य सिर्फ छात्रों को गणित पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें यह समझाना है कि गणित का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में भी होता है।
मैथ्स क्लब शुरू करने का उद्देश्य छात्रों को गणित से जोड़ना है। क्लब से जुड़ने के बाद छात्रों के आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है। जो विद्यार्थी पहले गणित से दूर रहते थे, अब वे सवाल हल करने में रुचि ले रहे हैं। -डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, गणित शिक्षक
मैथ्स क्लब के शुरू होने के बाद छात्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। नई तकनीक और प्रयोग आधारित पढ़ाई से गणित अब छात्रों के लिए कठिन विषय नहीं रहा, बल्कि सीखने और समझने का माध्यम बन गया है। -मोहित वशिष्ठ, प्रधानाचार्य, सेक्टर-12 राजकीय इंटर कॉलेज