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Government Power sector employees protest against 'parallel' electricity licenses; warn of intensifying the agitation
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सरकार पैरेलल बिजली लाइसेंस के विरोध में गरजे बिजलीकर्मी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भिवानी। हरियाणा में पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, किसानों और आम उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को हरियाणा पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता एवं सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता नारायण प्रकाश एसडीओ ने ढिगावा क्षेत्र के विभिन्न बिजली घरों का दौरा किया। इसके बाद ढिगावा में मजदूरों, किसानों और बिजली कर्मचारियों की बैठक को संबोधित करते हुए सरकार से पैरेलल लाइसेंस का फैसला वापस लेने की मांग उठाई। नारायण प्रकाश ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देना सार्वजनिक बिजली वितरण कंपनियों के राजस्व आधार को कमजोर कर सकता है। उन्होंने इसे जनहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिजली विभाग के राजस्व को नुकसान पहुंचने का सीधा असर बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं के हितों पर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नारायण प्रकाश ने मुख्यमंत्री से तत्काल कैबिनेट बैठक बुलाकर गुरुग्राम और नूंह में दिए गए पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए कि प्रदेश में भविष्य में कहीं भी पैरेलल लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इलेवन पावर कंपनी को लाइसेंस देने के मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। सांझा मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताल के दौरान किसी भी बिजली कर्मचारी का उत्पीड़न या दमन किया गया तो विरोध प्रदर्शन को देशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। मोर्चा ने सरकार से बिजली कर्मचारियों, किसानों और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की।
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