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In Loharu, electricity department employees burned copies of the license granted to a private company.
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लोहारू में बिजली कर्मचारियों ने फूंकी निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस की प्रतियां
संयुक्त साझा मोर्चा के आह्वान पर लोहारू बिजली बोर्ड प्रांगण में बिजली कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभिन्न यूनियनों के सब डिवीजन प्रधानों ने की। बैठक में आगामी तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने गुरुग्राम में निजी कंपनी 11 पावर को दिए गए लाइसेंस के विरोध में उसकी प्रतियां जलाकर रोष जताया और सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
बैठक में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और कर्मचारी साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर आगामी तीन दिवसीय हड़ताल में जोर-शोर से भाग लेने का संकल्प लिया। कर्मचारियों ने कहा कि निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला बिजली कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ आमजन की बिजली सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस मुद्दे को केवल कर्मचारियों की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आमजन से हड़ताल को नैतिक समर्थन देने की अपील
बैठक के दौरान बिजली कर्मचारियों ने आमजन से भी अपील की कि वे इस हड़ताल को नैतिक समर्थन दें और हड़ताल के दौरान धैर्य बनाए रखें। कर्मचारियों का कहना था कि बिजली व्यवस्था से जुड़ा यह मुद्दा आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जनता को कर्मचारियों की मांगों और उनके विरोध के कारणों को समझते हुए सहयोग करना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
बैठक में डिवीजन प्रधान सोमवीर, डिवीजन सचिव विकास, प्रधान किरोड़ीमल, प्रधान सुखबीर, प्रधान रोशन लाल और प्रधान विकास सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते निजी कंपनी 11 पावर को गुरुग्राम में दिए गए लाइसेंस को रद्द करने की मांग पर उचित कदम नहीं उठाती है, तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी किए जाने पर तीन दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में भी बदला जा सकता है। उन्होंने ब्लैकआउट जैसे कड़े कदम उठाने की संभावना भी जताई।
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