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Case of 55 trees being felled in 2026 in Tohana, Fatehabad, using permission granted for 2024; allegations of illegal felling
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फतेहाबाद के टोहाना में 2024 की परमिशन पर 2026 में काटे 55 पेड़ जाने का मामला, अवैध कटाई के आरोप
गाजूवाला गांव में 55 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीण ने बीडीपीओ राहुल श्योकंद को शिकायत देकर आरोप लगाया कि 2024 में ली गई परमिशन को अब 2026 में इस्तेमाल कर सरपंच ने हरे-भरे पेड़ कटवा दिए। मामले की जांच के लिए मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन गांव में सरपंच जांच में शामिल नहीं हुए।
शिकायतकर्ता बजिंद्र और ग्रामीणों के अनुसार गांव में कुल 55 पेड़ों की नीलामी कराई गई थी और इसकी परमिशन वर्ष 2024 में ली गई थी। आरोप है कि 2024 के पेड़ सरपंच पहले ही कटवा चुके थे। इसके बावजूद उसी पुरानी परमिशन के आधार पर अब दोबारा कटाई करवा दी गई।
शिकायतकर्ता बजिंद्र ने कहा, "बीडीपीओ राहुल ने हमें जांच के लिए बुलाया था। सरपंच को भी चिट्ठी लिखी गई थी, लेकिन वह नहीं आए। हमने कहा कि पहले सरपंच से ही पूछ लिया जाए कि वह जांच में शामिल होना चाहते हैं या नहीं। हमें फोन पर सूचना दे देंगे तो हम आ जाएंगे।
पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी पेड़ क्षतिग्रस्त या छत पर गिरने वाला नहीं था। "हमने मौके पर देखा, वीडियो भी बनाई। जो पेड़ फ्रंट में खड़े थे और बिल्कुल हरे-भरे थे, उन्हीं को कटवा दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर परमिशन 2024 की थी तो नीलामी और कटाई उसी साल क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि बीच में हाईकोर्ट ने भी हरे पेड़ काटने पर पाबंदी का आदेश जारी किया है। इसके बावजूद कटाई की गई।
शिकायतकर्ता ने मांग की कि सरपंच और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य विभागों के खिलाफ जांच के बाद जल्द कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, "अगर बीडीपीओ स्तर पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो हम डीसी फतेहाबाद से मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो सीएम नायब सैनी से भी मिलेंगे।"
बीडीपीओ राहुल श्योकंद ने बताया कि शुक्रवार 11 बजे जांच के लिए पत्र जारी किया गया था। "शिकायतकर्ता बिजेन्द्र हाजिर हुए, लेकिन सरपंच ग्राम पंचायत गाजूवाला ने लिखित में अगली तारीख देने की रिक्वेस्ट भेजी इसलिए जांच की अगली तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत में कहा गया है कि गाजूवाला गांव में 55 पेड़ काटे गए हैं। परमिशन 2024 की थी और 2026 में हाईकोर्ट द्वारा पाबंदी के बाद भी कटाई की बात कही गई है। "हम पूरी जांच करेंगे और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी," बीडीपीओ ने स्पष्ट किया।
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