Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Jind News
›
Jind – Railway Board Chairman Satish Kumar inspected the hydrogen plant and the junction.
{"_id":"6a5256e12552eb72dd0e7993","slug":"video-jind-railway-board-chairman-satish-kumar-inspected-the-hydrogen-plant-and-the-junction-2026-07-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद -रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने किया हाइड्रोजन प्लांट और जंक्शन का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद -रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने किया हाइड्रोजन प्लांट और जंक्शन का निरीक्षण
मेक इन इंडिया नीति से विकसित की है हाइड्रोजन ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने शनिवार को जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
उन्होंने बताया कि यह भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना है और पूरी तरह मेक इन इंडिया नीति के तहत विकसित की गई है। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में सतीश कुमार ने बताया कि ट्रेन की क्षमता 2400 हॉर्स पावर है। ट्रेन के ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और शुरुआत में इसे 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित किया जाएगा। भविष्य में तकनीकी अनुभव के आधार पर इसके संचालन का दायरा बढ़ाया जाएगा। हाइड्रोजन प्लांट में गैस उत्पादन नहीं होने के सवाल पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है। इस परियोजना में दोहरी व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर हाइड्रोजन गैस प्लांट में भी तैयार की जा सकती है और बाहरी स्रोत से भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्लांट का निर्माण किया गया था। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इनमें जींद और नरवाना रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। जींद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर तेजी से कार्य कर रहा है। पूरे देश के 1377 रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इसमें केवल बड़े शहरों के स्टेशन ही नहीं, बल्कि छोटे स्टेशनों को भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना परिवहन व्यवस्था की दिशा में नई पहचान दिलाएगी और जींद इस ऐतिहासिक उपलब्धि का केंद्र बनेगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।