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VIDEO : कैथल में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि में उप विषय बंद करने का मामला, विवि में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
कैथल के गांव मूंदड़ी में बन रही प्रदेश की पहले महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि में विवाद नहीं थम रहे हैं। इस विवि में उप विषय बंद करने के मामले में पिछले दो माह से धरना दे रहे अध्यापकों ने भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। मामले में धरनारत अध्यापकों ने आरोप लगाया कि विवि में बाहरी राज्यों के स्टाफ को रखा गया है।
वहीं, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अवहेलना करते हुए विवि में केवल संस्कृत पढ़ाने का आदेश थोपा गया है। धरना देने वाले अध्यापकों में शामिल डॉ. ओमपाल ने कहा कि वह विवि के अस्थाई परिसर में पिछले करीब 70 दिन से बंद किए गए उप विषयों को शुरू करने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
ववि प्रशासन ने उनकी बात सुनने की बताय उल्ट उनकी दो माह से वेतन भी रोक दिया है। इसमें उनका कसूर केवल इतना है कि वे उप विषयों को शुरू करने की मांग कर रहे और हरियाणा से संबंध रखते हैं। विवि में पांच अध्यापकों को छोड़कर कुलपति से लेकर रजिस्टार और अन्य प्रशासनिक स्टाफ और शैक्षणिक स्टाफ बाहरी है।
वे उन्हें विवि से हटाना चाहते हैं। इसलिए ही उप विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, राजनीतिक विज्ञान को बंद किया गया है। जबकि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ऐसा नहीं है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एक मुख्य विषय रखकर दूसरे उप विषय रखने का नियम है। जबकि संस्कृत विवि में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां पर उप विषय पूरी तरह से बंद किए गए हैं।
जबकि दाखिले के समय उप विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, राजनीतिक विज्ञान पढ़ाने की बात कर विद्यार्थियों को झूठ बोला जाता है। अब उप विषयों को बंद करने के बाद यहां पर विद्यार्थियों की संख्या भी लगातार कम हो रही है।
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