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Hamirpur: राजेंद्र राणा बोले- सुक्खू सिर्फ अपने घर व मित्रों के मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर महिला विरोधी मानसिकता और परिवारवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में ढाई वर्ष से अधिक समय बिताने के बावजूद मुख्यमंत्री ने अब तक कांग्रेस पार्टी की किसी भी महिला को बोर्ड, निगम या आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सचिव जैसे पदों पर नियुक्त नहीं किया है, जो साफ तौर पर महिला कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और निराशाजनक सोच को दर्शाता है। यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि हजारों कर्मठ महिला कार्यकर्ता जिन्होंने कांग्रेस की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई, आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री को इन महिला कार्यकर्ताओं की मेहनत और योग्यता नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री प्रदेश के नहीं, बल्कि सिर्फ अपने परिवार व मित्रों के मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस ने महिला कार्यकर्ताओं को सत्ता में भागीदारी देने के बजाय उन्हें केवल नारों और आयोजनों तक सीमित कर दिया है। इससे महिलाओं के भीतर गहरा आक्रोश है, जो कभी भी फूट सकता है। राणा ने कहा यह स्थिति कांग्रेस सरकार की असली सोच को उजागर करती है। पार्टी की सरकार महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि निर्णय की भूमिका से उन्हें दूर रखा गया है। राजेंद्र राणा ने केंद्र सरकार की तुलना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं को भागीदारी मिली है, जबकि कांग्रेस सरकार हिमाचल में महिलाओं को 'मूक दर्शक' बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी में एक भी ऐसी महिला नहीं थी जिसे किसी बोर्ड या निगम में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती? क्या सरकार केवल एक परिवार और एक महिला तक सीमित रह गई है? राजेंद्र राणा ने इसे न केवल महिला शक्ति का अपमान बताया, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध और संघर्षशील महिलाओं के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल नारों में नहीं, बल्कि नीति और भागीदारी के ज़रिए महिलाओं को सशक्त करने में विश्वास रखती है।
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