{"_id":"695f73b919ac0d872002f571","slug":"video-experts-in-garshu-share-high-tech-gardening-tips-with-gardeners-2026-01-08","type":"video","status":"publish","title_hn":"किन्नौर: गरशू में विशेषज्ञों ने बागवानों को दिए उच्च तकनीक बागवानी के टिप्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किन्नौर: गरशू में विशेषज्ञों ने बागवानों को दिए उच्च तकनीक बागवानी के टिप्स
कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर ने क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण स्टेशन शारबो के सहयोग से छोटा कंबा पंचायत के गरशू गांव में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में विशेषज्ञों ने बागवानों को प्रूनिंग के टिप्स दिए और प्राकृतिक खेती करने पर बल दिया। शिविर में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्ग ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। फल वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने सेब और अन्य शीतोष्ण फलों की वैज्ञानिक ट्रेनिंग और काट-छांट का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कहा कि क्षेत्र में अधिकांश काट-छांट वैज्ञानिक तरीके से नहीं होती, जिससे उपज और गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी गई कि पहले युवा पेड़ों को सही ढंग से ट्रेन करें, फिर परिपक्व पेड़ों की छांट करें। 45-60 डिग्री के क्रॉच एंगल के साथ खुली कैनोपी बनाए रखें, ताकि प्रकाश और हवा का संचार अच्छे तरीके से हो। यह किन्नौर के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से आवश्यक है। उन्होंने गरशू के बगीचों में प्रचलित समस्याओं जैसे कैंकर, ऊनी सेब एफिड, रूट बोरर और रूट रॉट पर विस्तार से मंथन किया। एकीकृत प्रबंधन के उपाय बताए गए, जिनमें जैव नियंत्रण, यांत्रिक विधियां, प्राकृतिक खेती और गंभीर मामलों में रासायनिक नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई। इसके अलावा सेब, खुबानी, अखरोट और बेहमी के पेड़ों पर लाइकेन एवं मिस्टलेटो की समस्या पर प्रकाश डाला। किसानों को मिस्टलेटो को हाथ से हटाने और पक्षियों की ओर से इसके फैलाव को रोकने की सलाह दी गई। लाइकेन नियंत्रण के लिए सर्दियों में छांट से पहले कास्टिक सोडा दो किलोग्राम प्रति 200 लीटर पानी के घोल का छिड़काव करने की सलाह दी। कम फल सेटिंग और उत्पादन को बढ़ाने के लिए परागणकारी किस्में लगाने, फूल आने के समय मधुमक्खी के छत्ते रखने और पिंक बड से पूर्ण फूल स्टेज तक बोरोन छिड़काव की सिफारिश की गई। उप प्रधान जसमान सिंह ने शारबो टीम को बागवानों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देने के लिए आभार जताया। उन्होंने फिर से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की अपील की
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।