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It proved costly for supporters to attend Azam Khan's release; police took this action.
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आजम खान की रिहाई पर समर्थकों को पहुंचना पड़ा महंगा, पुलिस ने कर दी ये कार्रवाई
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Tue, 23 Sep 2025 04:57 PM IST
सीतापुर जेल का नजारा मंगलवार को बेहद अलग था। 23 महीने बाद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां को रिहाई मिली तो बाहर सैकड़ों समर्थक और कार्यकर्ता जमा हो गए। लेकिन इस भीड़ और उत्साह के बीच पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। जेल के बाहर खड़ी समर्थकों की 73 गाड़ियों का चालान काटा गया और कुल 1 लाख 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई चर्चा का बड़ा कारण बनी।
मंगलवार को दोपहर करीब 12:20 बजे आजम खां को सीतापुर जिला कारागार से रिहा किया गया। जैसे ही वे जेल के बाहर आए, उनका स्वागत करने के लिए उनके दोनों बेटे अब्दुल्ला और अदीब मौजूद रहे। साथ ही, बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और नेता जेल गेट पर पहले से इंतजार कर रहे थे।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि जिला प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में था। एलआईयू, ड्रोन टीम, पीएसी और आठ थानों की फोर्स तैनात रही।
इस बीच समर्थकों की गाड़ियां नो पार्किंग में इकट्ठा हो गईं। ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने लगी तो पुलिस ने बिना देर किए 73 गाड़ियों का चालान कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, सभी गाड़ियां नियम विरुद्ध खड़ी थीं और यातायात प्रभावित हो रहा था। यही वजह रही कि चालान काटकर जुर्माना वसूला गया।
पुलिस ने कुल मिलाकर 1 लाख 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह रकम केवल चालान की कार्रवाई से निकली।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संदेश देने की कोशिश है कि चाहे मामला किसी बड़े नेता से जुड़ा हो या आम नागरिक से, कानून सबके लिए बराबर है।
यातायात पुलिस ने साफ किया कि समर्थकों का हुजूम जश्न मना सकता है, लेकिन कानून व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
आजम खां की रिहाई उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक पल था। सुबह 5 बजे से ही कई लोग जिला कारागार के बाहर डटे हुए थे।
हालांकि, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी का सहारा लिया। ओवरब्रिज पर खड़े लोगों को भी पुलिस ने हटा दिया।
भीड़ और जश्न के बीच कानून व्यवस्था बिगड़े, इससे पहले ही पुलिस ने चालान की कार्रवाई कर अपनी सख्ती और सतर्कता दोनों दिखा दी।
रिहाई से पहले कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में 3-3 हजार रुपये के दो जुर्माने जमा कराए गए।
इसके बाद आधिकारिक ई-मेल सीतापुर जिला कारागार पहुंचा और प्रक्रिया पूरी होते ही आजम खां बाहर आए।
आजम खां पर कुल 104 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 93 मामले रामपुर के हैं। सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है। हालांकि, उनकी राजनीतिक भविष्य की दिशा अब उनके फैसलों पर निर्भर करेगी।
आजम खां की रिहाई पर सपा सांसद रुचिवीरा भी सीतापुर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि “आगे की रणनीति आजम साहब के निर्देश पर ही तय होगी।”
बसपा में जाने के सवाल पर उन्होंने टालते हुए कहा कि “अभी वह परिवार से मिलें, उसके बाद ही कुछ तय होगा।”
आजम खां की रिहाई जहां समर्थकों के लिए खुशी का मौका थी।
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