दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के हटा-जमुनिया मार्ग पर सोमवार दोपहर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी सरकारी दवाएं सड़क किनारे फेंक दी गईं। इनमें सर्दी, बुखार, मल्टीविटामिन और एंटीबायोटिक सहित कई दवाएं शामिल थीं। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों की नजर इन दवाओं पर पड़ गई, जिससे किसी बच्चे या मवेशी के इन्हें निगलने से बड़ी दुर्घटना होने से बचाव हो गया।
घटना स्थल के पास एक स्कूल भी स्थित है, जिससे खतरा और भी बढ़ सकता था। जैसे ही लोगों ने दवाएं देखीं, उन्होंने प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही हटा सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी दवाओं को एकत्रित कर सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करा दिया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह दवाएं संभवतः किसी आंगनवाड़ी केंद्र की थीं, जहां से हितग्राहियों को वितरित की जानी थीं, लेकिन समय पर वितरण न होने के कारण दवाएं जून 2025 में एक्सपायर हो गईं। इसके बाद संबंधित जिम्मेदारों द्वारा इन्हें सड़क किनारे फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने इस गैरजिम्मेदाराना कृत्य पर नाराजगी जताई और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हटा सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल ने कहा, “दवाएं पटेरा ब्लॉक के अंतर्गत पड़ी मिलीं, लेकिन हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें एकत्र कर सुरक्षित नष्ट कराया। इस तरह एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकना गंभीर लापरवाही है।” गौरतलब है कि उपस्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित की जाने वाली यह दवाएं आम नागरिकों को निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस प्रकार सार्वजनिक स्थान पर उनका इस तरह छोड़ा जाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा बन सकता है।