धार जिले की धरमपुरी तहसील के ग्राम दूधी में 6 दिन पहले हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुना जिले के एक मिर्ची व्यापारी से हुई लूट में शामिल तीन बदमाशों को धामनोद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने रात के अंधेरे में व्यापारी के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। लूट के बाद फरार होते समय आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 95 हजार रुपये नगद और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। थाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपने शौक पूरे करने के लिए उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
यह था मामला
दिनांक 22 जनवरी को प्रेमनारायण साहु पिता हजारीलाल साहु (उम्र 50 वर्ष), निवासी रुठीआई थाना धरनावदा जिला गुना, इंदौर से पेपर वाहन में सवार होकर निकले थे। रात्रि करीब 3 बजे वे दूधी गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास उतरे और पैदल जैतापुर मिर्ची मंडी की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे दुग्ध डेयरी के पास पहुंचे, तभी मिर्ची मंडी की ओर से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और बातचीत करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी का बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे दाहिने घुटने, हाथ की उंगली और गाल पर चोटें आईं।
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बाइक नंबर बना सुराग
थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे ने बताया कि अज्ञात बदमाश व्यापारी से करीब 2 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। वारदात के दौरान व्यापारी ने आरोपियों की बाइक का नंबर एमपी-11 एन-9772 देख लिया था। इसके बाद क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें आरोपी एक कैमरे में नजर आए।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी मोनिका सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सावन पिता महेश गावड़ (20 वर्ष), श्याम पिता कालु मेडा (20 वर्ष) और रोहित पिता भेरूसिंह (21 वर्ष), तीनों निवासी ग्राम लौधीपुरा को गिरफ्तार किया गिरफ्तारी में थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे, सउनि जुवानसिंह हरवाल, सउनि सुरेंद्रसिंह राजावत, प्रआर 646 सज्जनसिंह डिंडोरे, आरक्षक 1188 मनीष राठौर और आरक्षक 394 अजितसिंह मंडलोई की अहम भूमिका रही।