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Gwalior News: जीवाजी यूनिवर्सिटी में काटे गए हरे-भरे सैकड़ों पेड़, नगर निगम में जब्त की लड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Sun, 11 Jan 2026 02:29 PM IST
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ग्वालियर का ऑक्सीजन हब कहे जाने वाले जीवाजी यूनिवर्सिटी में हरे भरे बड़े पेड़ों को काटने का मामला सामने आया है। इस बात की सूचना जब नगर निगम के अधिकारियों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे और तत्काल पेड़ों की कटाई को रुकवाया और मौके से कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को जब्त किया गया। काटे गये पेड़ों में ज्यादातर नीम और आम जैसे महत्वपूर्ण पेड़ है जो की काफी पुराने थे।
ग्वालियर के ऑक्सीजन हब जीवाजी विश्वविद्यालय में धड़ाधड़ पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके लिए कोई नगर निगम से कोई परमिशन भी नहीं ली गई है। यूनिवर्सिटी के डे केयर सेंटर पर पेड़ों की कटाई कर दी गई। जब इस बात की सूचना नगर निगम को लगी तो मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पेड़ों की कटाई को रुकवाया और मौके से कुछ मात्रा में लकड़ी को भी जब्त किया है। हालांकि नगर निगम की माने तो जितने पेड़ काटे हैं उतनी लकड़ी भी अभी बरामद नहीं हुई है।
मौके पर मौजूद नगर निगम के पार्क नोडल अधिकारी मुकेश बंसल ने बताया कि उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी। जीवाजी विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई की जा रही है मौके पर आकर देखा तो काफी पुराने जो पेड़ थे वह काट दिए गए थे। वहीं, जब उनसे भी परमिशन की बात पूछी गई तो उनका कहना था की परमिशन के लिए चेक करना पड़ेगा कि परमिशन दी गई थी या नहीं। यदि परमिशन नहीं दी गई है तो वृक्ष परीक्षण अधिनियम के तहत संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान मौके पर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राजेंद्र खटीक से जब पेड़ो की कटाई के संबंध में पूछना चाहा तो वे आनाकानी करते हुए नजर आए। फिर उनका कहना था कि 20 दिन पहले परमिशन यूनिवर्सिटी से ली गई थी। उनका कहना था कि पेड़ो से एक भवन को नुकसान हो रहा था। इसलिए काटे गए हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी विमलेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि जो भी पेड़ काटे या छाटे हैं उनकी मंजूरी ली है या नहीं ये जानकारी ले कर ही बता पाऊंगा।
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