आरपीएफ से बचने के लिए एक शातिर चोर ने अनोखा तरीका अपनाया। वह कमल के खोखले तने के सहारे तालाब में छिप गया, लेकिन आरपीएफ ने गोताखोरों की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 21 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, सिहोरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह करीब 5 बजे ट्रेन संख्या 11753 से एक संदिग्ध युवक उतरकर भागने लगा। जवानों को शक हुआ कि वह एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश कर रहा था। जब उसका पीछा किया गया, तो वह पास के बाजार स्थित काई से ढके तालाब में कूद गया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पानी में डूबा रहा और सांस लेने के लिए कमल के खोखले तने का इस्तेमाल करता रहा। आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस की मदद से गोताखोरों को बुलाया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे तालाब से बाहर निकाला गया।
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तालाब से निकलने के बाद भी आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के दौरान वह अपनी पहचान छुपाने और जांच को गुमराह करने का प्रयास करता रहा। बाद में एक अंग्रेजी अखबार के माध्यम से उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी 32 वर्षीय हरविंदर सिंह के रूप में हुई। हैरानी की बात यह है कि आरोपी वर्ष 2017 में बिजनौर से पार्षद का चुनाव भी जीत चुका है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसके खिलाफ मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में 21 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और कई मामलों में वह वांछित था। आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। भोपाल में दर्ज एक मामले में वारंट होने के कारण, अदालत ने उसे जीआरपी भोपाल के सुपुर्द कर दिया।