मध्यप्रदेश के खंडवा नगर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित गुलमोहर कॉलोनी में गुरुवार को उस वक्त जमकर हंगामा हुआ, जब बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने विद्युत विभाग की टीम यहां पहुंची थी। हालांकि हंगामे के बाद बिजली विभाग और ठेकेदार के कर्मचारियों को लोगों ने बैरंग ही लौटा दिया। लोगों का कहना था कि इससे बिजली का बिल ज्यादा आएगा।
बता दें कि इन स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिसके चलते जहां भी ये मीटर लगाए जा रहे हैं, वहां इसी तरह की स्थिति बन रही है। इसे पहले दूर किया जाना बेहद ही जरूरी है। खंडवा शहर की गुलमोहर कॉलोनी में बिजली के स्मार्ट मीटर को लेकर शुरू हुआ हंगामा बड़ी देर तक चलता रहा। इस दौरान बड़ी तादाद में लोगों का हुजूम कॉलोनी में एकत्रित हो गया था। इसके बाद आखिरकार बिजली विभाग की टीम को बगैर मीटर लगाए ही वापस लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम में लोगों के साथ गुलमोहर कॉलोनी क्षेत्र के कांग्रेस पार्टी से पार्षद पति असलम गौरी भी शामिल थे जो लोगों के बुलावे पर वहां पहुंचे थे। इधर हंगामे के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी काम में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, लेकिन पहले क्षेत्र के लोगों की भ्रांतियां दूर करना भी बिजली विभाग की ही जिम्मेदारी है।
बिजली विभाग और पार्षद पति में हुई जमकर बहस
खंडवा में नए स्मार्ट मीटर लगाने की बात पर वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद पति असलम गौरी ने बहस करते हुए बिजली विभाग की टीम को बिना मीटर लगाए ही वापस करवा दिया। बता दें कि, गुरुवार को बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने के लिए शहर के गुलमोहर कॉलोनी पहुंची। इस बीच मोहल्ले वासियों की भीड़ इकट्ठा होकर, इस टीम विरोध करने लगी। इसके बाद पार्षद पति असलम गौरी भी वहां पहुंच गए, और वे अधिकारियों को नए स्मार्ट मीटर लगाने से मना करने लगे। इसके बाद बिजली अधिकारियों व पार्षद पति के बीच जमकर बहस शुरू हो गई। आखिरकार विरोध को देखते हुए बिजली विभाग की टीम में शामिल एई तिवारी अपनी टीम के साथ बेरंग लौट गए।
पार्षद पति असलम गोरी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगवाने में हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन विभाग पहले हमारी भ्रांति दूर करें। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिल अधिक आ रहे हैं। बिना सूचना दिए हजारों की पेनल्टी के बिल भी लोगों को दिए जा रहे हैं। जब तक हम संतुष्ट नहीं हो पाते, हम इस क्षेत्र गुलमोहर कॉलोनी में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।