मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक और पवित्र तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में श्रावण सोमवार की तीसरी सवारी में गुलाल उड़ाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर संतों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। षट् दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष ने इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद से भी चर्चा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गुलाल उड़ाने की परंपरा जारी रहेगी। यदि इस दौरान कोई असामाजिक तत्व अनुचित हरकत करता है तो जिला प्रशासन उस पर कड़ी कार्रवाई करे।
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दरअसल, तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में निकलने वाली तृतीय एवं चतुर्थ महासवारी के दौरान बाबा ममलेश्वर और ओंकारेश्वर पर गुलाल उड़ाने पर जिला प्रशासन ने रोक लगाई है। इस संबंध में पुनासा एसडीएम शिवम प्रजापति द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन के इस प्रतिबंध के खिलाफ उठे विवाद के बीच षट् दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष मंगल दास महाराज ने इसे पौराणिक परंपरा बताते हुए कहा है कि यह संतों द्वारा वर्षों से निभाई जा रही संस्कृति है और इसे जारी रखा जाएगा।
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संत मंगलदास त्यागी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि सोशल मीडिया पर गुलाल उड़ाने पर प्रतिबंध को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिससे भक्तों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने इस विषय में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक नारायण पटेल से बातचीत की, जिसके बाद गुलाल उड़ाने की परंपरा को जारी रखने पर सहमति बनी। साथ ही त्यागी ने श्रावण मास के दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि इस वर्ष कावड़ यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि दूर से दर्शन की व्यवस्था की जाए, तो श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधा मिलेगी।