दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने श्रीकृष्णा टॉकीज चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने की शुरुआत सुबह 11 बजे राष्ट्रगान के साथ हुई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज करना बहादुरी नहीं बल्कि कायरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। कांग्रेस हमेशा छात्रों के हितों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि पहले किसानों और अब छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। यदि ऐसे हालात बने रहे तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले हर वर्ग की आवाज दबाई जाएगी।
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धरने को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र अभय भागोरे, संजीव गांगुली, भारत रघुवंशी, अरुणा उपाध्याय, नितेश आड़तिया, मांगीलाल पाटीदार, जितेंद्र भावसार, शेख रहमान, डॉ. शुभम जायसवाल, कादर बेग, नीमा गौर, शाहरुख मिर्जा, रियाज शेख सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। सात वर्षीय वैदेही राणे ने भी मंच से अपनी बात रखी। ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है। साथ ही छात्रों के समर्थन में पहुंचे विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्रता और कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्र सरकार को छात्र एवं युवा विरोधी बताया तथा राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।