खरगोन के बलकवाड़ा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं की वास्तविक स्थिति और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को परखने के उद्देश्य से पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव गुरुवार को क्षेत्र भ्रमण पर निकले। इस दौरान उन्होंने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना बलकवाड़ा, पंप हाउस बाल्यापुर, खेड़ी तालाब अघावन एवं अपर जमला तालाब (खेड़ी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जल संसाधन विभाग के अधिकारी, तकनीकी अमला, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत पंप हाउस बाल्यापुर से की गई, जहां विधायक ने मशीनरी की स्थिति, विद्युत आपूर्ति, पंप संचालन एवं जल वितरण क्षमता की जानकारी ली। किसानों ने मौके पर अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि कई बार समय पर पानी नहीं मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इस पर विधायक यादव ने अधिकारियों से जवाब तलब किया और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
इसके बाद खेड़ी तालाब अघावन एवं अपर जमला तालाब (खेड़ी) का निरीक्षण किया गया। यहां जल संग्रहण की स्थिति, नहरों की हालत और रख-रखाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने तालाबों में गाद भराव, सफाई की कमी और नहरों की मरम्मत नहीं होने की शिकायतें सामने रखीं। विधायक ने कहा कि तालाब और नहरें क्षेत्र की जीवनरेखा हैं, इनमें लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
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निरीक्षण बैठक के दौरान विधायक यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंप हाउस और तालाबों का नियमित निरीक्षण किया जाए, तकनीकी खामियों को प्राथमिकता से दूर किया जाए और किसानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है। किसानों को पर्याप्त और समय पर पानी मिले, यह शासन और प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों से जुड़ी समस्याओं को वे गंभीरता से उठाएंगे। निरीक्षण के बाद किसानों में संतोष और उम्मीद का माहौल देखा गया।