थाना वायडी नगर पुलिस ने कार का कांच तोड़कर 10 लाख रुपये चोरी करने वाली अंतर्राज्यीय शातिर गैंग का मात्र 15 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने चोरी की गई पूरी राशि बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और करीब 300 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपियों को पकड़ा गया।
यह जानकारी देते हुए मंदसौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल ने बताया कि 25 फरवरी 2025 को फरियादी तुलसीराम पिता गोवर्धनलाल धनोतिया, निवासी बोलखेड़ा, थाना वायडी नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने आईडीएफसी बैंक और एचडीएफसी बैंक से कुल 18 लाख रुपये नकद निकाले थे। घर के बाहर खड़ी उनकी कार का शीशा तोड़कर अज्ञात व्यक्ति 10 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। रिपोर्ट पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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राजस्थान से दबोचा
थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनय बुंदेला एवं साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रितेश नागर सहित टीम गठित की गई। टीम ने बैंक, घटनास्थल एवं संभावित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक आरोपी की पहचान कर्नाटक निवासी के रूप में हुई, जो ऐसे अपराधों में सक्रिय गैंग का सरगना निकला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया। जानकारी मिली कि आरोपी घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल से कोटा की ओर भागे हैं। थाना बस्सी, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) पुलिस की सहायता से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे करते थे वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले मोटरसाइकिल चोरी करते हैं और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते हैं। इसके बाद बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के आसपास रेकी कर नकदी निकालने वाले लोगों का पीछा करते हैं। मौका मिलते ही वाहन का कांच तोड़कर रकम चोरी कर फरार हो जाते हैं। वारदात के बाद मोटरसाइकिल दूरस्थ स्थान पर छोड़कर सार्वजनिक परिवहन से निकल जाते हैं। आरोपियों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने 10 लाख रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में विष्णु उर्फ भरत उम्र 21 वर्ष, एवं सुनील उर्फ बाबू उर्फ बालू उम्र 32 वर्ष, दोनों निवासी जिला शिवमोगा (कर्नाटक) शामिल हैं। सुनील को गिरोह का मुख्य सरगना बताया गया है। कार्रवाई में थाना वायडी नगर, सायबर सेल मंदसौर तथा थाना बस्सी, जिला चित्तौड़गढ़ पुलिस का सहयोग रहा। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।