जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। आकाशीय बिजली गिरने से गंभीर रूप से घायल एक आदिवासी महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। मजबूर परिजनों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक खाट पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
मृतका की पहचान रामकली रावत के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव तक जाने वाली सड़क वर्षों से जर्जर है। बरसात के कारण रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर गया है, जिससे चार पहिया वाहन और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाते। इसी कारण परिजनों को घायल महिला को खाट पर ले जाना पड़ा।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गांव की सड़क के निर्माण के लिए विधायक निधि से पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन आज तक सड़क की स्थिति नहीं सुधरी। यदि यह दावा सही है तो स्वीकृत राशि का उपयोग कहां हुआ और निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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घटना के बाद स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं ने भी सरकार एवं प्रशासन को घेरते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि गांव तक पक्की सड़क होती और समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती, तो संभवतः महिला की जान बचाई जा सकती थी।
रीवा जिले में जर्जर सड़कों को लेकर पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। विभिन्न क्षेत्रों के ग्रामीण सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।