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Farmers in Satna expressed their anger over paddy procurement staging a protest at Circuit House
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Satna: सतना में धान खरीदी को लेकर किसानों का फूटा आक्रोश, सर्किट हाउस चौराहे पर किया प्रदर्शन, घंटों चक्काजाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: सतना ब्यूरो Updated Tue, 06 Jan 2026 09:38 PM IST
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एमपी के सतना जिले में धान खरीदी में हो रही अनियमितताओं और सिकमी किसानों के पंजीयन सत्यापन में देरी के विरोध में बुधवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान शहर के सबसे व्यस्त सर्किट हाउस चौराहे पर एकत्र हुए और सड़क के बीच बैठकर चक्का जाम कर दिया। अचानक हुए इस आंदोलन से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
धान तौल के बाद भी नहीं हो रही खरीदी
सतना में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जिले के कई खरीदी केंद्रों में धान की तौल तो कर ली गई है लेकिन इसके बाद खरीदी की प्रक्रिया रोक दी गई है। इससे विशेष रूप से वे किसान प्रभावित हैं जिन्होंने सिकमी या बटाई की जमीन पर धान की खेती की है। किसानों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के लिए उन्होंने समय रहते धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया था, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग ने पूरा दस्तावेज न होने का हवाला देकर उनके पंजीयन को सत्यापित नहीं किया। इसकी इसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
600 से अधिक किसान स्लॉट बुकिंग से वंचित
प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि जिले भर में लगभग 600 सिकमी किसान ऐसे हैं, जिनकी धान विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल दो दिन शेष हैं अगर इस अवधि में पंजीयन सत्यापन नहीं हुआ तो ये किसान सरकारी खरीदी से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे।
एमएसपी और बाजार दर में भारी अंतर से बढ़ी चिंता
किसानों का कहना है कि शासन द्वारा धान की खरीदी 2369 रुपये प्रति क्विंटल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है। जबकि खुले बाजार में व्यापारी कम कीमत में प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं। इस दर पर धान बेचने से न तो लागत निकल पाएगी और न ही किसान अपने कर्ज और पारिवारिक खर्च पूरे कर सकेंगे। यही कारण है कि मजबूर होकर किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है।
क्या बोले किसान?
प्रदर्शन के दौरान कई किसानों ने भावुक होकर कहा कि हमने खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च किए हैं। अगर सरकार खरीदी नहीं करेगी तो हमारे सामने भुखमरी की स्थिति आ जाएगी। कुछ किसानों ने प्रशासन के सामने इच्छा मृत्यु की अनुमति तक की मांग रख दी और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारी ने क्या कहा?
प्रदर्शनकारी किसानों की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, डीएसपी ट्रैफिक, सीएसपी और संबंधित थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर चक्का जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग शासन स्तर तक पहुंचाई जाएगी। इस पूरे मामले पर जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन ने बताया कि सिकमी किसानों के धान पंजीयन सत्यापन से संबंधित मामला भोपाल स्तर का है। जिले में करीब 600 सिकमी किसान प्रभावित हैं शासन से जैसे ही निर्देश प्राप्त होंगे किसानों की समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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