सीहोर जिले के जावर थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज वीडियो ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में करणी सेना के स्थानीय नेता शिशुपाल ठाकुर जहर खाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने जावर थाना प्रभारी सहित चार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्मघाती कदम उठाने की बात कही है। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई।
प्रताड़ना के आरोप, नाम लेकर लगाए गंभीर इल्जाम
वीडियो में शिशुपाल ठाकुर ने जावर थाना प्रभारी नीता देहरवाल, अंकुश सिंह (मेहतवाड़ा), रितेश बागवान और बाबू मोंगिया पर लगातार परेशान करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिशुपाल का कहना है कि 27 तारीख को आष्टा में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। वीडियो में वह कहते हैं, “घुट-घुटकर जीने से अच्छा है कि मैं आज खुद मर जाऊं।”
थाने में शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
शिशुपाल ने वीडियो में बताया कि रितेश बागवान द्वारा गाली-गलौज किए जाने के बाद वह विनोद मालवीय के साथ जावर थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। वहां उन्हें बताया गया कि एफआईआर सुबह दर्ज की जाएगी। इसके बाद थाने के घेराव को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई, जिससे मामला और अधिक बिगड़ गया। आरोप है कि उसी रात थाना प्रभारी उनके घर पहुंचीं और दबिश देने की धमकी दी।
जहर खाने के बाद इंदौर रेफर
वीडियो बनाने के तुरंत बाद शिशुपाल ठाकुर ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। शिशुपाल के परिवार में एक साल का बेटा, चार साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हैं।
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पुलिस जांच, पुराने विवाद का भी जिक्र
एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को भी शिशुपाल ठाकुर और रितेश बागवान के बीच विवाद हुआ था, जिसमें आपसी समझौता हो गया था। बुधवार को फिर विवाद सामने आया, जिस पर जावर थाना में उसी रात अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया। रितेश बागवान और बाबू मोंगिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीआई ने आरोपों को बताया निराधार
जावर थाना प्रभारी नीता देहरवाल ने शिशुपाल ठाकुर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार एफआईआर दर्ज की गई थी और किसी भी तरह की धमकी नहीं दी गई। वहीं, एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।