टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद में शुक्रवार को आयोजित विशेष सम्मेलन उस समय हंगामे में बदल गया जब बजट बैठक के दौरान पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बैठक में कुर्सियां तक फेंकी जाने लगीं और गाली-गलौज की स्थिति बन गई। हंगामा बढ़ते ही नगर पालिका अध्यक्ष बैठक छोड़कर चले गए।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद में बजट को लेकर विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया था। दोपहर में शुरू हुई इस बैठक में शहर के विकास कार्यों और आगामी बजट प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी। इसी दौरान वार्ड क्रमांक 18 के पार्षद अजय यादव ने खड़े होकर नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वार्ड 18 के साथ नगर पालिका द्वारा भेदभाव किया जा रहा है और क्षेत्र में विकास कार्यों के टेंडर नहीं लगाए जा रहे हैं।
पार्षद अजय यादव ने आरोप लगाया कि कई बार मांग करने के बावजूद उनके वार्ड में आवश्यक कार्यों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में पार्षद अजय यादव ने कुर्सियां फेंक दीं। इसके बाद बैठक कक्ष में अफरा-तफरी मच गई और अन्य पार्षदों के बीच भी बहस होने लगी।
मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। नेता प्रतिपक्ष रानू खरे ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू मलिक भाजपा पार्षदों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में जिन विकास कार्यों के टेंडर लगने चाहिए, उन्हें जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे विवाद की स्थिति बनी।
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बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक चली बैठक में लगभग 55 मिनट तक हंगामा और बहस का दौर चलता रहा। इस दौरान बैठक की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। बैठक में हुए विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हंगामा बढ़ता देख नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू मलिक बैठक से उठकर चले गए। उनके जाने के बाद भी कुछ समय तक बैठक कक्ष में बहस जारी रही। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।