टीकमगढ़ जिले की पलेरा जनपद पंचायत के ग्राम थर में शुक्रवार को पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए गांव में बनी पानी की ऊंची टंकी पर चढ़कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुबह से भूखी-प्यासी महिलाएं टंकी पर बैठ गईं और गांव में नियमित पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं के इस कदम से गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि गांव में लाखों रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। टंकी केवल शोपीस बनकर रह गई है, जबकि गांव के लोग आज भी पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं होती और प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी। उनका कहना है कि रोजाना पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है।
घटना की सूचना मिलते ही पलेरा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास शुरू किया। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
ये भी पढ़ें- भोजशाला विवाद धार: नमाज स्थल बदलने पर नया विवाद, रहवासियों ने पेश किए पुश्तैनी हक के दावे; अब आगे क्या?
पलेरा थाना प्रभारी प्रीति भार्गव ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित तरीके से टंकी से नीचे उतरने की अपील की जा रही है तथा उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक महिलाओं का प्रदर्शन जारी था और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच वार्ता चल रही थी। पूरे क्षेत्र में इस अनोखे प्रदर्शन की चर्चा बनी हुई है और अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।