नर्मदा के पानी की मांग को लेकर किसानों ने अब मोर्चा खोल दिया है। हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते जैसे नारों के साथ अखिल भारतीय किसान संघ की जिला इकाई के तत्वाधान में नर्मदा के पानी को लेकर ज्ञापन दिया। इसमें सैकड़ों किसान शामिल हुए।
सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
जिले की माकड़ौन तहसील के किसानों ने सिंचाई के पानी की कमी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना है कि छोटी कालीसिंध नदी और स्थानीय स्टॉप डेम में जलस्तर तेजी से गिर रहा है। वर्तमान में केवल 10 दिन की सिंचाई का पानी शेष है, जबकि फसलों को अभी 20 दिनों तक पानी की आवश्यकता है।
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प्रशासन ने दिया आश्वासन
शिवचरण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ उज्जैन ने बताया कि क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के किसानों ने मांग की है कि उनकी बर्बाद होती फसलों को बचाने के लिए नर्मदा का पानी नहर के माध्यम से तत्काल छोटी कालीसिंध नदी में छोड़ा जाए। प्रशासन ने किसानों को एक सप्ताह के भीतर पानी की आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नर्मदा का जल नहीं मिला, तो क्षेत्र के हजारों परिवार आर्थिक रूप से तबाह हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में किसान चुप नहीं बैठेंगे और सरकार के खिलाफ एक बड़ा उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।