उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर खास मेहमान की वजह से चर्चा में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्ष 2025 को विदा कहने के लिए अपने परिवार के साथ निजी दौरे पर अचानक बांधवगढ़ पहुंचे। मुख्यमंत्री प्लेन से उमरिया पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग द्वारा सीधे बांधवगढ़ रवाना हुए। उनके आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ग्राम सरमनिया स्थित ओबेरॉय होटल में परिवार सहित रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान वे नाइट सफारी के साथ-साथ अगले दिन सुबह टाइगर सफारी का भी आनंद लेंगे और जंगल के राजा बाघों के दीदार करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह निजी बताया जा रहा है, हालांकि सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।
मुख्यमंत्री के अचानक दौरे के चलते उमरिया एयरस्ट्रिप से लेकर बांधवगढ़ तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के उमरिया पहुंचने से पहले शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता का व्यवहार भी चर्चा में रहा। बताया जाता है कि वे तैयारियों को लेकर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नाराज होती नजर आईं। मौके पर मौजूद कर्मचारी चुपचाप सिर झुकाए उनकी नाराजगी सहते दिखे, जिससे प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा रही।
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मुख्यमंत्री के उमरिया हवाईपट्टी पर पहुंचते ही वे सीधे कार में सवार हुए और किसी औपचारिक कार्यक्रम में शामिल हुए बिना बांधवगढ़ के लिए रवाना हो गए। स्थानीय लोगों में भी मुख्यमंत्री के इस निजी दौरे को लेकर उत्सुकता देखी गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और अब मुख्यमंत्री के प्रवास से इसकी सुर्खियां और बढ़ गई हैं।
कुल मिलाकर, वर्ष के अंतिम दिनों में मुख्यमंत्री का यह दौरा पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और बाघों का आकर्षण एक बार फिर प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देता नजर आ रहा है।