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No embankment has been constructed on the side where the river enters from Pakistan; the water will cause damage to Indian villages and BSF outposts.
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पाकिस्तान से घुसते दरिया की तरफ नहीं बनाई नोच, पानी भारतीय गांवों व बीएसएफ चकियों को पहुंचाएगा नुकसान
हुसैनीवाला बार्डर के सीमावर्ती ग्रामीणों का कहना है कि सतलुज दरिया की मार से गांवों को बचाने के लिए किनारे पर बनाई जा रही नोचों का कार्य सही से नहीं किया जा रहा है। पाकिस्तान की तरफ से भारत में प्रवेश करते दरिया की तरफ नोच नहीं बनाई गई है, इससे हुसैनीवाला बार्डर से सटे 17 गांव व पांच बीएसएफ की चौकियां पाकिस्तान से आने वाला पानी सीधा नुक्सान पहुंचाएगा। दरिया का पानी अभी से किनारे की मिट्टी काटना शुरू हो गया है। ये देख ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। क्योंकि दरिया गांव टेंडी वाला से बिल्कुल सटा हुआ है।
गांव टेंडी वाला के सरपंच गुरनाम सिंह व पंचायत मेंबर गुरजंट सिंह ने बताया कि पाकिस्तान का कसूर नाले का पानी भारत के सतलुज दरिया में आकर मिलता है। ये गांव टेंडी वाला की तरफ से बह कर हुसैनीवाला हैड में मिल जाता है। सरपंच ने कहा कि पाकिस्तान के पानी से 17 भारतीय गांव और पांच बीएसएफ की चौंकियों को बचाने के लिए दो नोचें बननी जरुरी है। यहां से आने वाला पानी सीधा गांव की जमीन से टकराता है। यदि नोचें नहीं बनाई तो उक्त गांव व बीएसएफ की चौकियां बरसातों में दरिया में आने वाली बाढ़ से तबाह हो जाएंगी। यही नहीं पाकिस्तान से आ रहे पानी से डिफेंस बांध भी प्रभावित होगा। मौजूदा समय में दरिया उफान पर है।
इसके अलावा सीमावर्ती गांव हबीबके की तरफ सतलुज दरिया में नोचें बनाने की बजाय वहां पर पत्थर और मिट्टी किनारे पर फेंक दी है, पत्थरों को लोहे की तारों का जाल नहीं डाला गया है। जबकि दरिया का पानी सीधा धुस्सी बांध तक ना पहुंचे कई बांध दरिया में बनाए गए थे जो पिछले साल की बाढ़ में टूट चुके हैं। अब पानी सीधा धुस्सी बांध से टकराएगा और धुस्सी बांध की हालत खस्ता है। जिस तरह भाखड़ा बांध में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, बाढ़ आई तो फिरोजपुर जिला प्रभावित हो सकता है। मौजूदा समय में नहरों में पानी लबालब भरा है और पुल को छू रहा है। बारिशों से पूर्व नोचें बनाने और धुस्सी बांध मजबूत नहीं किया गया तो पिछले साल की बाढ़ की तुलना में अब ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।
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