{"_id":"6a4a3ed9b7bd8c61fe0509c5","slug":"video-vijay-sampla-statement-on-the-sit-notice-2026-07-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"SIT के दोबारा नोटिस पर विजय सांपला बोले- जांच में पूरा सहयोग दूंगा, लेकिन दस्तावेज़ पहले दें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SIT के दोबारा नोटिस पर विजय सांपला बोले- जांच में पूरा सहयोग दूंगा, लेकिन दस्तावेज़ पहले दें
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा उन्हें पुनः नोटिस जारी किया गया है, जबकि वे पहले भी जांच में पूर्ण सहयोग दे चुके हैं और लिखित रूप में स्पष्ट कर चुके हैं कि आगे भी हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद आज तक उन्हें वे दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराए गए, जिनके संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। बिना संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराए किसी नागरिक को बार-बार तलब करना प्राकृतिक न्याय और कानून की स्थापित प्रक्रिया के विपरीत है। उन्होंने SIT को सूचित कर दिया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे 06 जुलाई को उपस्थित नहीं हो सकेंगे, किंतु 07 जुलाई को स्वयं उपस्थित होकर पूरा सहयोग देंगे।
विजय सांपला ने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री के संबंध में दिए गए निर्णय तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित प्रस्तावित कानून को लेकर सरकार की हुई व्यापक आलोचना के बाद सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और देश के अधिकांश राज्यों में उसकी सरकारें जनसेवा कर रही हैं। पंजाब सरकार भाजपा नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई कर अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने का असफल प्रयास कर रही है।
सांपला ने कहा कि पंजाब नशे, बेरोज़गारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और विकास जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा है, लेकिन राज्य सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीतिक एजेंडा चला रही है।
उन्होंने दोहराया कि उन्हें संविधान, न्यायपालिका और कानून के शासन पर पूरा विश्वास है। वे निष्पक्ष जांच का स्वागत करते हैं, लेकिन जांच कानून, पारदर्शिता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। सत्य को राजनीतिक प्रतिशोध से नहीं, बल्कि तथ्यों और निष्पक्ष जांच से ही स्थापित किया जा सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।