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लुधियाना में बिजली निगम के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, प्रदर्शन कर की नारेबाजी
पावर सेक्टर जॉइंट एक्शन कमेटी की ओर से बिजली निगम की कीमती संपत्तियों की बिक्री बिजली संशोधन बिल 2025, सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत दो नए 800-800 मेगावाट के पावर प्लांट स्थापित न किए जाने और किसान बीज बिल के विरोध में अगर नगर स्थित चीफ आफिस में विशाल धरना दिया गया। धरने में पीएसपीसीएल की विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने सरकार व बिजली बोर्ड की मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन को पूरी मजबूती के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर उक्त नेताओं ने कहा कि पावर सेक्टर का निजीकरण और सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री न केवल कर्मचारियों बल्कि आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों के भी खिलाफ है। बिजली संशोधन बिल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी और सरकारी नियंत्रण कमजोर होने का खतरा है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये वही जमीनें हैं, जिन्हें कई दशक पहले गांव पंचायतों और निजी लोगों ने बिजली बोर्ड को कार्यालय और ग्रिड स्टेशन बनाने के लिए दान में दी थीं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार अब इन्हीं संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार दावा करती है कि पंजाब का खजाना भरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर वह सरकारी संपत्तियों की बिक्री कर रही है। केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 को भी घातक बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह बिल राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला है और देश की संघीय संरचना को कमजोर करेगा। उनका कहना था कि पूंजीपतियों के दबाव में केंद्र सरकार इस संशोधन को लागू करना चाहती है, ताकि बिजली क्षेत्र पर सीधा नियंत्रण अपने हाथों में लिया जा सके। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह बिल पास हुआ,तो बिजली क्षेत्र निजी कंपनियों के हवाले हो जाएगा। इससे आम उपभोक्ताओं और किसानों को मिलने वाली क्रास सब्सिडी समाप्त हो जाएगी, बिजली महंगी होगी और ग्रामीण इलाकों पर बोझ बढ़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि यह बिल कर्मचारियों की स्थायी नौकरियों को खत्म करेगा। नई भर्तियां आउटसोर्सिंग के जरिए होंगी, जिससे नौकरी की सुरक्षा खत्म हो जाएगी। पंजाब जैसी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस मौके एक्साईन अमनदीप सिंह, इंजीनियर एसोसिएशन के संदीप सिंह चाहल, मनोज कुमार, कौंसिल ऑफ जूनियर इंजीनियर दविंदर सिंह, जसवीर सिंह, परविंदर सिंह, संघर्षशील मोर्चा के राजिंदर सिंह, टुक बहादुर, उमेश कुमार, बलविंदर सिंह, एक्साइन इंजीनियर एसोसिएशन जगदीप सिंह गरचा, जगरूप सिंह आदि मौजूद हुए।
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