Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
Datia News
›
Datia News: The formation of an administrative committee at Pitambara Peeth has increased political activity.
{"_id":"69686d23b96b96b342020b90","slug":"administrations-eye-on-pitambara-peeth-formation-of-committee-increases-political-stir-datia-news-c-1-1-noi1454-3844117-2026-01-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"Datia News: क्या पीतांबरा पीठ पर है प्रशासन की नजर? समिति गठन से बढ़ी सियासी हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Datia News: क्या पीतांबरा पीठ पर है प्रशासन की नजर? समिति गठन से बढ़ी सियासी हलचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया Published by: दतिया ब्यूरो Updated Thu, 15 Jan 2026 10:51 AM IST
Link Copied
देश के चुनिंदा और भारत भर में विख्यात शक्ति पीठों में शामिल दतिया स्थित पीतांबरा पीठ को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा पीतांबरा पीठ की व्यवस्थाओं पर निगरानी के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से एक समिति गठित किए जाने के बाद इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी सुरों के साथ-साथ पीठ से जुड़े लोग इसे सीधे तौर पर मंदिर पर नियंत्रण की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने जिला प्रशासन ने संयुक्त कलेक्टर सहित पांच अधिकारियों की एक समिति बनाई है, जिसका काम पीतांबरा पीठ परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखना बताया गया है। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम केवल व्यवस्थाओं को सुचारू और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दरअसल, हाल ही में मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों के दौरान आठ पिलर गिरने की घटना सामने आई थी। हालांकि, संबंधित मार्ग पहले से बंद होने के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की ओर से यह शिकायतें भी मिलती रही हैं कि मंदिर से जुड़े कुछ लोग अपने परिचितों को बिना लाइन के दर्शन करा देते हैं, जिससे अव्यवस्था फैलती है। पीतांबरा पीठ की अध्यक्षता भाजपा की कद्दावर नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पास है। ऐसे में समिति गठन को केवल प्रशासनिक कदम न मानकर राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस समिति के जरिए शासन पीतांबरा पीठ पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है, जिससे पीठ पर वसुंधरा राजे की भूमिका कमजोर हो सके।
समिति गठन के बाद पीतांबरा पीठ से जुड़े ट्रस्ट और उससे जुड़े लोग खासे नाखुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि पीठ की व्यवस्थाएं वर्षों से ट्रस्ट के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और प्रशासन का इस तरह हस्तक्षेप करना परंपराओं और ट्रस्ट की स्वायत्तता के खिलाफ है। इस पूरे मामले पर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट किया है कि शासन-प्रशासन का पीतांबरा पीठ के ट्रस्ट के कामकाज में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। कलेक्टर का कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर में होने वाले निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण हों और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था बेहतर और सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मंदिर प्रबंधन या ट्रस्ट के लोग समिति में शामिल होना चाहें, तो प्रशासन इसके लिए भी तैयार है।
वहीं, इस मामले में कानून के जानकारों ने प्रशासन के कदम पर सवाल खड़े किए हैं। दतिया के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिजरिया का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा इस तरह समिति गठित करना नियमों के विपरीत है। उनका कहना है कि भले ही प्रशासन इसे व्यवस्था सुधारने का कदम बता रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसके जरिए पीतांबरा पीठ पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। अधिवक्ता का आरोप है कि समिति की आड़ में शासन पीठ पर अपनी पकड़ बनाना चाहता है और वसुंधरा राजे की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल, पीतांबरा पीठ का यह मामला आस्था, प्रशासन और राजनीति के त्रिकोण में फंसा नजर आ रहा है। एक ओर प्रशासन इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जोड़कर देख रहा है, तो दूसरी ओर पीठ से जुड़े लोग और कानून विशेषज्ञ इसे सत्ता की दखलअंदाजी और राजनीतिक मंशा से जोड़ रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।