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A protest by the Samyukta Kisan Morcha is being held in front of the DC office in Moga.
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मोगा में डीसी कार्यालय के सामने संयुक्त किसान मोर्चा का धरना प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा मोगा के डीसी कार्यालय के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस धरने में अलग-अलग किसान संगठनों व मजदूर संगठनों के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं शामिल हुईं।किसान नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि आज पूरे पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से डीसी कार्यालयों के सामने धरने आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मोगा में भी किसान और मजदूर संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज बिल 2025 लाने जा रही है। यदि बिजली संशोधन बिल 2025 लागू किया गया, तो भविष्य में सभी प्रकार की बिजली सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी होगी और प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। इसका मतलब यह होगा कि मीटर में पैसे होने पर ही बिजली मिलेगी, अन्यथा बिजली सप्लाई काट दी जाएगी।
इसी तरह बीज बिल 2025 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी व्यापारी या दुकानदार ब्रांडेड बीजों के अलावा अन्य बीज नहीं बेच सकेगा। इससे धीरे-धीरे बड़े कॉर्पोरेट घराने खेती पर पूरी तरह कब्जा कर लेंगे और बीज किसानों की पहुंच से बाहर हो जाएंगे। किसान नेताओं ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने श्रम से जुड़े 29 पुराने कानूनों की जगह चार लेबर कोड लागू किए हैं, जो मजदूर वर्ग के लिए नुकसानदेह हैं। इन कानूनों से बेरोजगारी बढ़ेगी और कर्मचारियों से यूनियन बनाने का अधिकार भी छीन लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुराने मनरेगा कानून को समाप्त कर नया जी-राम-जी कानून लागू कर दिया है, जिससे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रही है। यदि यह समझौता लागू हुआ, तो कृषि क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा और किसानों की जमीनों पर कॉर्पोरेट घरानों का कब्जा हो जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में शामिल संगठनों के नेताओं ने केंद्र सरकार की इन नीतियों को किसान और मजदूर विरोधी बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की।
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