वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती बुधवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव डॉ. सुनील लारा के नेतृत्व में राजकीय महाविद्यालय परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन, त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
डॉ. सुनील लारा ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना किया। उनका जीवन आज भी देश के युवाओं को राष्ट्रसेवा, आत्मसम्मान और संघर्ष की प्रेरणा देता है।
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उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व केवल इतिहास का गौरव नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। उनके आदर्श समाज में राष्ट्रप्रेम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर महाराणा प्रताप को नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंकित घारू, सुरेंद्र जॉनी, सत्या लखन, विक्रम राठौड़, हरीश कुमार, धनसिंह राजोरिया, तुलसीराम, सोहनलाल, मुकेश कुमार, तरुण चित्तौड़िया, नीतिन चौधरी, मेहुल गुर्जर, आदित्य गोयर सहित अनेक युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।