अलवर जिले के सरिस्का बफर जोन में रविवार शाम उस समय रोमांचक माहौल बन गया, जब लंबे समय से नजर नहीं आने वाला एक दुर्लभ और आक्रामक टाइगर अचानक जंगल में दिखाई दिया। इस खास साइटिंग ने सफारी पर पहुंचे पर्यटकों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों को उत्साहित कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब दो साल बाद इस टाइगर की इतनी नजदीक और स्पष्ट साइटिंग हुई है।
जानकारी के अनुसार सफारी टीम शाम के समय 12 लाइब्रेरी ट्रैक पर पहुंची थी। जंगल में प्रवेश करते ही पानी के एक पॉइंट पर एक टाइग्रेस अपने चार शावकों के साथ नजर आई। करीब एक घंटे तक टीम ने इस खूबसूरत मूवमेंट को कैमरे में कैद किया।
इसके बाद टीम अंधेरी ट्रैक की ओर बढ़ी, जहां दूसरे इलाके में टाइगर मूवमेंट की सूचना मिली थी। इसी दौरान अचानक उस टाइगर की एंट्री हुई, जिसे सरिस्का का “खूंखार बादशाह” माना जाता है। बफर जोन में जन्मे कई शावकों का पिता यह टाइगर आमतौर पर बेहद कम दिखाई देता है।
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वन्यजीव जानकारों के मुताबिक यह टाइगर जब भी नजर आता है, अपने आक्रामक अंदाज और दबदबे के लिए पहचाना जाता है। यही वजह है कि इसकी साइटिंग पर्यटकों के लिए बेहद दुर्लभ और खास मानी जाती है।
इस रोमांचक पल को कैमरे में कैद करने वाले फोटोग्राफरों ने बताया कि कई वर्षों की लगातार सफारी और लंबे इंतजार के बाद उन्हें यह मौका मिला। सरिस्का बफर जोन में बढ़ती टाइगर एक्टिविटी के चलते अब देशभर से वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, नेचर लवर्स और कई चर्चित हस्तियां यहां पहुंच रही हैं। सरिस्का का बफर जोन धीरे-धीरे देश के प्रमुख वाइल्डलाइफ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।