राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बारां जिले के केलवाड़ा कस्बे में सर्व हिंदू समाज की ओर से विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशाल कलश यात्रा के साथ हुई, जिसके बाद आयोजित हिंदू सभा में संघ के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
संघ त्याग, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक: डॉ. विपिन चंद्र
हिंदू सभा के मुख्य वक्ता आरएसएस के प्रचारक डॉ. विपिन चंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ त्याग, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना पर आधारित संगठन है। उन्होंने कहा कि भारत जिस तेज गति से विकास कर रहा है, आने वाले समय में वह विश्व का सिरमौर बनेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और हिंदुत्व की सेवा व समर्पण भावना का ही प्रतिफल है कि आज पूरे विश्व में भारत की सशक्त पहचान बनी है। डॉ. विपिन चंद्र ने बताया कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 100 वर्ष पूर्व आरएसएस की स्थापना की थी और आज यह विश्व का सबसे बड़ा संगठन बन चुका है। कार्यक्रम में मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व कर रही साधना दीदी तथा शाहाबाद से आए फरसा वाले महाराज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व सभी अतिथियों ने भारत माता की प्रतिकृति पर माल्यार्पण किया।
मुकेश नामा ने किया जनसमूह का आभार
कार्यक्रम के अंत में संयोजक मुकेश नामा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहसंयोजक डॉ. तपन कुमार ढाली, मनीष राठौर और धीरेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक जगदीश राठौर ने किया।
विशाल कलश यात्रा और भारत माता की झांकी रही आकर्षण का केंद्र
विराट हिंदू सम्मेलन के उपलक्ष्य में केलवाड़ा क्षेत्र की महिलाओं ने मंशापूर्ण हनुमान मंदिर से सीताबाड़ी गायत्री मंदिर तक विशाल कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा के दौरान घोड़े पर सजी भारत माता की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
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ड्रोन से हुई पुष्प वर्षा
यात्रा के स्वागत में विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार लगाए गए। ड्रोन से पुष्प वर्षा, आतिशबाजी और पुष्प अर्पण के साथ कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। सीताबाड़ी पहुंचने पर महिलाओं ने गायत्री मंदिर परिसर स्थित भगवान शिव के मंदिर में जलाभिषेक किया। इससे पूर्व शनिवार रात्रि को विश्वकर्मा तिराहे पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा में केलवाड़ा, दांता और पेनावदा क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।