झालावाड़: संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का एक प्रेरक उदाहरण गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में देखने को मिला। जब पंचायत समिति पिड़ावा की ग्राम पंचायत बानौर निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग भैरूलाल की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान एक ही दिन में हो गया।
जैसे-तैसे करके जिला कलेक्टर के दफ्तर पहुंचे दिव्यांग
दिव्यांग भैरूलाल न तो व्हीलचेयर अथवा ट्राईसाइकिल जैसी आवश्यक सहायक उपकरणों से युक्त थे और न ही उन्हें राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा था। सीमित संसाधनों और शारीरिक असमर्थता के बावजूद वे अपनी समस्या लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
जिला कलेक्टर ने ध्यान से सुनी समस्याएं
जहां जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने भैरूलाल से संवेदनशीलता के साथ मुलाकात कर उनकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने पाया कि भैरूलाल को केवल दिव्यांग पेंशन मिल रही थी, जबकि खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रहने के कारण उन्हें राशन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
तत्काल निर्णय, त्वरित कार्रवाई
जिला कलेक्टर राठौड़ ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक रामनिवास यादव को तत्काल प्रभाव से भैरूलाल को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं रसद विभाग को भैरूलाल का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ते हुए राशन व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया। निर्देशों की त्वरित अनुपालना करते हुए संबंधित विभागों ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण कीं। परिणामस्वरूप भैरूलाल को नई ट्राइसाइकिल भी मिल गई और उनका राशन भी चालू हो गया।
सम्मान और सुरक्षा के साथ घर तक पहुंचाया
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिला कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित किया कि भैरूलाल को सिविल डिफेंस के वाहन एवं स्वयंसेवकों की सहायता से सुरक्षित रूप से उनके गांव तक पहुंचाया जाए।