केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर आरोप लगाते हुए कहा कि जोधपुर को विकास में पीछे धकेलने का सबसे बड़ा पाप अशोक गहलोत ने किया है और राजस्थान में पेयजल संकट के लिए भी उनकी नीतियां जिम्मेदार हैं।
जल जीवन मिशन पर कांग्रेस सरकार को घेरा
शेखावत ने कहा कि जलशक्ति मंत्री रहते हुए उन्होंने राजस्थान को देश में सबसे अधिक संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने टेंडर प्रक्रियाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन भी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ गया, जिसका खामियाजा आज प्रदेश की जनता भुगत रही है।
एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर लगाए गंभीर आरोप
एलिवेटेड रोड परियोजना का उल्लेख करते हुए शेखावत ने दावा किया कि गहलोत सरकार ने इस परियोजना को रोकने और विलंबित करने के लिए कई षड्यंत्र रचे। उन्होंने कहा कि सभी बाधाओं को दूर कर परियोजना को आगे बढ़ाया गया। साथ ही उन्होंने गहलोत के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें एलिवेटेड रोड का श्रेय उनकी सरकार को दिया जाता है।
कांग्रेस को याद दिलाया आपातकाल
कांग्रेस और लोकतंत्र के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला कांग्रेस ने किया था। उन्होंने कहा कि मीडिया और न्यायपालिका पर दबाव बनाने का इतिहास कांग्रेस का रहा है, इसलिए लोकतंत्र पर कांग्रेस नेताओं के बयान उचित नहीं हैं।
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जोधपुर के विकास को लेकर गिनाईं उपलब्धियां
जोधपुर के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में शहर को 42 नई रेलगाड़ियां मिली हैं, हवाई यातायात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और विभिन्न दिशाओं से एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2047 तक जोधपुर में मेट्रो रेल, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक सड़क नेटवर्क और बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित होंगे। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार ने 1.68 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और आने वाले वर्षों में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।