केंद्र सरकार के बजट के बाद अब प्रदेश की जनता की निगाहें राजस्थान सरकार के बजट पर टिकी हैं, जिसे 11 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। खासतौर पर जोधपुर के व्यापारी और उद्योग जगत को इस बजट से कई रियायतों और नई घोषणाओं की उम्मीद है।
अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर देने की मांग
लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संगठन की ओर से सरकार को कई सुझाव भेजे गए हैं, जिनमें औद्योगिक विकास और ऊर्जा नीति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
सोलर ऊर्जा और कृषि आधारित उद्योगों पर अपेक्षाएं
घनश्याम ओझा ने कहा कि प्रदेश में सोलर ऊर्जा की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन सोलर से उत्पन्न बिजली यूनिट को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता। उन्होंने कम से कम एक साल तक कैरी फॉरवर्ड की सुविधा देने की मांग की है। इसके साथ ही प्रदेश में अधिक से अधिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रोसेसिंग उद्योग लगाने पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि जोजरी रिवर फ्रंट को लेकर भी सरकार कोई घोषणा कर सकती है।
टैरिफ घटने से उद्यमियों में बढ़ा उत्साह
उद्यमी सुरेश कुमार विश्नोई ने कहा कि टैरिफ कम होने के बाद उद्यमियों में उत्साह का माहौल है और नए ऑर्डर भी आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि कच्चा माल राजस्थान से बाहर जा रहा है, जिसको लेकर व्यापारी सरकार से सकारात्मक कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। रिफाइनरी के शुरू होने के साथ ही इस क्षेत्र में भी नवाचार की अपेक्षा जताई जा रही है।
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बिजली और गैस को लेकर प्रमुख मांगें
उद्यमी महावीर चौपड़ा ने कहा कि राजस्थान का बजट उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी विधानसभा में पेश करेंगी। उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती ने सरकार को कई सुझाव भेजे हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां मिनरल्स की प्रचुर मात्रा है, लेकिन ऊंची बिजली दरों और गैस की सीमित उपलब्धता के कारण इन मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता रहती है।
टेक्सटाइल और पावर रूम सेक्टर पर नजर
महावीर चोपड़ा ने कहा कि राजस्थान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री बड़े पैमाने पर मौजूद है। यदि पावर रूम सेक्टर को विकसित किया जाए तो इसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा। ऐसे में उद्योग जगत को उम्मीद है कि बजट में इन मुद्दों पर ठोस घोषणाएं होंगी।