नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जोधपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए MD ड्रग निर्माण से जुड़ी एक लैब का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ऐसे अत्याधुनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी मदद से अवैध बाजार के लिए करीब 200 किलो MD ड्रग तैयार की जा सकती थी। यह संयुक्त कार्रवाई ऑपरेशन प्रयागशाला के तहत NCB जोधपुर टीम और जोधपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई, जिसमें अब तक चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
ऑपरेशन प्रयागशाला के तहत संयुक्त कार्रवाई
NCB जोधपुर की टीम ने छापेमारी के दौरान MD ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई रासायनिक और औद्योगिक उपकरण जब्त किए। इनमें बोरोज़िलिकेट जार, बोरोज़िलिकेट ग्लास ट्यूब, इलेक्ट्रिक इंडक्शन मोटर, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्टिरर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में किया जाता है और इनकी उत्पादन क्षमता काफी अधिक है।
पहले भी पकड़ी गई थी बड़ी खेप
इससे पहले 25 जनवरी 2026 को NCB ने जोधपुर में 1.089 किलो मेफेड्रोन बरामद किया था। पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोका था, जिनके पास एक काले बैग में मादक पदार्थ मिला। इस मामले में दो आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया था।
बेंगलुरु तक फैला था नेटवर्क
जांच के दौरान यह बड़ा खुलासा हुआ कि मुख्य संदिग्ध ने बेंगलुरु में तीन गुप्त MD निर्माण लैब स्थापित कर रखी थीं। जब्त की गई ड्रग्स वहीं से लाई गई थीं। इसी जांच की कड़ी में 29 जनवरी 2026 को जोधपुर के सोयला क्षेत्र में डांडोर रोड स्थित एक फार्महाउस पर छापा मारा गया, जहां से MD ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए गए।
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MD ड्रग है बेहद खतरनाक
यहां “MD” से आमतौर पर मेफेड्रोन (Mephedrone/4-MMC) को संदर्भित किया जाता है, जिसे स्ट्रीट भाषा में “म्याऊ-म्याऊ” या “कैट्स आई” भी कहा जाता है। यह एक सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जो दिमाग में डोपामिन और सेरोटोनिन का स्तर तेजी से बढ़ा देता है। इसके सेवन से कुछ समय के लिए अत्यधिक ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास महसूस होता है, लेकिन असर खत्म होते ही बेचैनी, घबराहट और दोबारा लेने की तीव्र इच्छा पैदा होती है, जिससे इसकी लत जल्दी लग जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके सेवन से दिल की धड़कन बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दर्द, शरीर का तापमान बढ़ना, पैनिक अटैक और दौरे पड़ने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने पर स्ट्रोक, हार्ट फेल या मौत का भी खतरा रहता है। लंबे समय तक उपयोग से मानसिक बीमारी और गंभीर डिप्रेशन की आशंका बढ़ जाती है।
जनता से सहयोग की अपील
NCB ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आमजन से सहयोग की अपील की है। मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना को MANAS राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर दिया जा सकता है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।