राजस्थान के बूंदी जिले में रुपये के लेनदेन को लेकर एक युवक की हत्या के मामले में 24 घंटे बाद भी शव के पोस्टमार्टम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। कोटा स्थित एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर माली समाज के लोग दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। हालांकि इस दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों से समझाइश कर शव का पोस्टमार्टम करवा दिया, जिससे धरनारत समाज के लोग नाराज हो गए।
माली समाज के लोगों ने इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही हिंडोली थाने के सीआई सहदेव सिंह को निलंबित करने, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई। धरने पर बड़ी संख्या में माली समाज के लोग, मृतक के पिता और अन्य परिजन मौजूद रहे। इससे पहले पुलिस ने रातभर प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
पिता ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक युवक मुकेश सैनी के पिता चेलाराम ने बताया कि आरोपी उनके बेटे के दोस्त थे और उनके बीच पहले भी विवाद हो चुका था। उन्होंने कहा कि करीब पांच महीने पहले उन्होंने अपने बेटे को आरोपियों से दूरी बनाने की सलाह दी थी। चेलाराम ने आरोप लगाया कि पांच महीने पहले भी आरोपियों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि बदमाशों ने उनके बेटे पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
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यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मांगली खुर्द गांव निवासी मुकेश सैनी ने आरोपियों से ब्याज पर रुपये लिए थे। पैसे लौटाने को लेकर हुए विवाद के दौरान कहासुनी बढ़ गई, जिसके बाद आरोपियों ने मुकेश पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आक्रोशित माली समाज के लोगों ने सत्तूर गांव के पास कोटा-बूंदी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 को जाम कर दिया। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर हाईवे खुलवाया और शांति बनाए रखने की अपील की।